छत्तीसगढ़ में ‘हरेली’ पर गरमाई सियासत: भूपेश बघेल के ‘बाल नरेंद्र’ वाले तंज पर भड़की भाजपा, डिप्टी सीएम ने बताया ‘दुर्भाग्यपूर्ण’
राज्य ब्यूरो मोहम्मद आसिफ खान संपादक वीरेंद्र कुमार
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छत्तीसगढ़ में ‘हरेली’ पर गरमाई सियासत: भूपेश बघेल के ‘बाल नरेंद्र’ वाले तंज पर भड़की भाजपा, डिप्टी सीएम ने बताया ‘दुर्भाग्यपूर्ण’
रायपुर: छत्तीसगढ़ में पारंपरिक ‘हरेली तिहार’ के अवसर पर राज्य की राजनीति में नया उबाल आ गया है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा सोशल मीडिया के एक चर्चित रील्स ट्रेंड का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर कसे गए तीखे तंज पर सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कड़ी आपत्ति जताई है। राज्य के उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने इस बयान को बेहद ‘दुर्भाग्यपूर्ण’ करार देते हुए कांग्रेस की मानसिकता पर सवाल उठाए हैं।
क्या है पूरा विवाद?
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अपने रायपुर स्थित निवास पर परिवार और कार्यकर्ताओं के साथ खेती-किसानी के औजारों और पशुधन की पूजा कर हरेली त्योहार मनाया। इस दौरान मीडिया से चर्चा करते हुए उन्होंने युवाओं व बच्चों (Gen-Z) के बीच सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे स्लोगन “56 इंच का छोटा बंदर, बाल नरेंद्र” का उल्लेख किया।
बघेल ने तंज कसते हुए कहा, “जो काम हम लोग (विपक्ष) इतनी कोशिशों के बाद भी नहीं कर पाए, वह आज सोशल मीडिया पर बच्चों ने कर दिया है। बड़ी मुश्किल से 56 इंच के सीने की एक भारी-भरकम छवि बनाई गई थी, लेकिन बच्चों ने एक मिनट के भीतर उस छवि को धोकर रख दिया।”
डिप्टी सीएम अरुण साव का पलटवार
बघेल के इस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए डिप्टी सीएम अरुण साव ने इसे स्तरहीन राजनीति का परिचायक बताया। साव ने कहा कि देश के लोकप्रिय प्रधानमंत्री के प्रति इस प्रकार की अमर्यादित भाषा का प्रयोग कांग्रेस की बौखलाहट को दर्शाता है। भाजपा नेताओं का आरोप है कि राजनीतिक जमीन खिसकती देख कांग्रेस अब बच्चों के मीम्स के सहारे देश के शीर्ष नेतृत्व का अपमान करने पर उतर आई है।
राज्य सरकार और केंद्र पर भी दागे सवाल
हरेली मिलन कार्यक्रम के दौरान भूपेश बघेल ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की सरकार और केंद्र सरकार पर भी कई गंभीर आरोप लगाए:
संस्कृति की अनदेखी: बघेल ने दावा किया कि वर्तमान सरकार शासकीय आयोजनों से ‘छत्तीसगढ़ महतारी’ की तस्वीर गायब कर राज्य की संस्कृति को पीछे धकेल रही है।
विश्व आदिवासी दिवस: उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने विश्व आदिवासी दिवस के मौके पर मूल निवासियों को आधिकारिक रूप से बधाई तक नहीं दी।
गृहमंत्री से इस्तीफे की मांग: संसद में राहुल गांधी के रुख का समर्थन करते हुए बघेल ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से इस्तीफे की मांग की और बच्चों पर हुए कथित लाठीचार्ज को लेकर जवाब मांगा।
सोशल मीडिया पर छिड़ी डिजिटल जंग
राजनीतिक बयानों के बाद यह मुद्दा सोशल मीडिया पर भी तेजी से ट्रेंड करने लगा है। जहां एक ओर कांग्रेस समर्थक बघेल के बयान के वीडियो क्लिप शेयर कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर भाजपा समर्थक इसे प्रधानमंत्री पद की गरिमा के खिलाफ बताते हुए पूर्व मुख्यमंत्री से सार्वजनिक माफी की मांग कर रहे हैं।





