छत्तीसगढ़ में कानून-व्यवस्था को मिलेगी नई धार: रायपुर के बाद अब दुर्ग और बिलासपुर में भी लागू हो सकती है पुलिस कमिश्नरेट प्रणाली
राज्य ब्यूरो मोहम्मद आसिफ खान संपादक वीरेंद्र कुमार
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छत्तीसगढ़ में कानून-व्यवस्था को मिलेगी नई धार: रायपुर के बाद अब दुर्ग और बिलासपुर में भी लागू हो सकती है पुलिस कमिश्नरेट प्रणाली
बिलासपुर/दुर्ग:छत्तीसगढ़ की प्रशासनिक और कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ एवं प्रभावी बनाने की दिशा में राज्य सरकार एक बड़ा कदम उठाने जा रही है। प्रदेश की राजधानी रायपुर में पुलिस कमिश्नरेट प्रणाली लागू करने के बाद, अब दुर्ग और बिलासपुर में भी इस व्यवस्था को शुरू करने की तैयारी पूरी कर ली गई है।
सूत्रों के अनुसार, स्वतंत्रता दिवस (15 अगस्त 2026) के पावन अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय रायपुर स्थित पुलिस परेड ग्राउंड से इस ऐतिहासिक निर्णय का आधिकारिक ऐलान कर सकते हैं।
क्यों खास है यह फैसला?
औद्योगिक नगरी दुर्ग (भिलाई) और न्यायधानी बिलासपुर, दोनों ही जिले जनसंख्या, शहरीकरण और आर्थिक गतिविधियों के लिहाज से राज्य के अत्यंत महत्वपूर्ण केंद्र हैं।
त्वरित निर्णय: कमिश्नरेट प्रणाली लागू होने से पुलिस अधिकारियों के पास मजिस्ट्रियल शक्तियां (CrPC/BNSS के तहत) आ जाएंगी। इससे धारा 144 लागू करने, निरोधात्मक कार्रवाई (Preventive Detention) और लाठीचार्ज या बल प्रयोग की अनुमति के लिए जिला मजिस्ट्रेट (DM) पर निर्भरता समाप्त हो जाएगी।
सशक्त कानून-व्यवस्था: बढ़ते शहरी अपराधों और यातायात की समस्याओं से निपटने में पुलिस अधिक सक्षम और स्वतंत्र रूप से कार्य कर सकेगी।
शीर्ष अधिकारियों की तैनाती: दुर्ग और बिलासपुर दोनों स्थानों पर वरिष्ठ IPS अधिकारियों को पुलिस कमिश्नर (CP) के पद पर तैनात किया जाएगा, जिससे अपराध नियंत्रण में तेजी आएगी।
तैयारियां अंतिम चरण में
गृह विभाग और पुलिस मुख्यालय (PHQ) की ओर से इसके लिए आवश्यक खाका (Blueprint) तैयार कर लिया गया है। दोनों शहरों के शहरी एवं उपनगरीय थाना क्षेत्रों को नए कमिश्नरेट के दायरे में शामिल करने का प्रस्ताव तैयार है। 15 अगस्त को मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद जल्द ही इसका औपचारिक नोटिफिकेशन (अधिसूचना) भी जारी कर दिया जाएगा।
विशेष बिंदु:
राजधानी रायपुर में लागू हुई इस व्यवस्था के सफल परिणामों को देखते हुए सरकार ने दो अन्य प्रमुख संभागों में इसका विस्तार करने का निर्णय लिया है, जिससे छत्तीसगढ़ में सुरक्षा और प्रशासनिक दक्षता का नया अध्याय शुरू होगा।





