श्रद्धांजलि और सेवा का अनूठा संगम: दिवंगत पिता की स्मृति में पुत्र ने डीकेएस अस्पताल के मरीजों के परिजनों को कराया भोजन
राज्य ब्यूरो मोहम्मद आसिफ खान संपादक वीरेंद्र कुमार
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श्रद्धांजलि और सेवा का अनूठा संगम: दिवंगत पिता की स्मृति में पुत्र ने डीकेएस अस्पताल के मरीजों के परिजनों को कराया भोजन
रायपुर।राजधानी के प्रसिद्ध डीकेएस (डीके) सुपरस्पेशलिटी अस्पताल परिसर में आज मानवता और पितृभक्ति की एक
अनूठी मिसाल देखने को मिली।
पंकज राजपूत ने अपने पूज्य पिता स्वर्गीय गोपाल राजपूत की पावन स्मृति को अक्षुण्ण बनाए रखने के लिए एक विशाल भंडारे का आयोजन किया। इस दौरान अस्पताल में भर्ती मरीजों के सैकड़ों जरूरतमंद परिजनों को पूर्ण श्रद्धा और सम्मान के साथ भोजन कराया गया;

अस्पताल आए परिजनों को मिला संबल
दूर-दराज के गांवों और शहरों से डीकेएस अस्पताल आने वाले मरीजों के परिजनों को अक्सर भोजन के लिए भटकना पड़ता है। पंकज राजपूत द्वारा की गई इस संवेदनशील पहल से आज सैकड़ों लोगों को अस्पताल परिसर में ही पौष्टिक और गर्म भोजन प्राप्त हुआ। भोजन पाकर भावुक हुए परिजनों ने राजपूत परिवार के इस सेवा भाव की दिल से सराहना की और दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।

पिता के संस्कारों को रखा जीवित
आयोजन के संबंध में पुत्र पंकज राजपूत ने बताया कि उनके पिता स्वर्गीय गोपाल राजपूत हमेशा दीन-दुखियों की मदद के लिए तत्पर रहते थे। उन्होंने कहा, “पिताजी हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनके दिए संस्कार हमेशा हमारे साथ हैं। उनकी स्मृति में इस भंडारे का आयोजन कर हमें जो आत्मिक शांति मिली है, उसे शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता।
पीड़ित मानवता की सेवा ही हमारे पिता को सच्ची श्रद्धांजलि है।”इस सेवा कार्य में राजपूत परिवार के अन्य सदस्यों और मित्रों ने भी बढ़-चढ़कर अपना योगदान दिया और व्यवस्था को सुचारू रूप से संचालित करने में मदद की।





