दुर्ग में काल बनीं नदियाँ: दो अलग-अलग हादसों में 3 युवाओं की डूबने से मौत, जन्मदिन और पिकनिक की खुशियाँ मातम में बदलीं
राज्य ब्यूरो मोहम्मद आसिफ खान संपादक वीरेंद्र कुमार
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दुर्ग में काल बनीं नदियाँ: दो अलग-अलग हादसों में 3 युवाओं की डूबने से मौत, जन्मदिन और पिकनिक की खुशियाँ मातम में बदलीं
दुर्ग। दुर्ग जिले में वीकेंड पर पिकनिक और जन्मदिन का जश्न मनाना उस समय भारी पड़ गया, जब दो अलग-अलग जल हादसों में तीन युवाओं की जान चली गई। पाटन क्षेत्र के जामराव एनीकेट और पुलगांव क्षेत्र की शिवनाथ नदी में बहे युवाओं के शव सोमवार सुबह राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) की टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद बरामद किए हैं। दोनों ही घटनाओं ने परिवारों में कोहराम मचा दिया है।

पहला हादसा: जामराव एनीकेट में पिकनिक मनाने गया युवक डूबारायपुर के देवपुरी कमल विहार निवासी टोमेश ध्रुव (22 वर्ष) रविवार शाम को अपने 11 दोस्तों के साथ पाटन क्षेत्र के जामराव एनीकेट में पिकनिक मनाने पहुँचा था। खारून नदी में नहाने के दौरान वह अचानक पानी के तेज बहाव की चपेट में आ गया और गहरे पानी में समा गया।सूचना मिलते ही अमलेश्वर पुलिस और SDRF की रेस्क्यू टीम तत्काल मौके पर पहुँची। रविवार देर रात तक सर्च ऑपरेशन चलाया गया, लेकिन अंधेरा और नदी का बहाव तेज होने के कारण अभियान को रोकना पड़ा।

सोमवार सुबह दोबारा शुरू किए गए रेस्क्यू ऑपरेशन में SDRF के डीप डाइविंग विशेषज्ञों ने करीब 30 फीट की गहराई से टोमेश का शव बाहर निकाला।दूसरा हादसा: शिवनाथ नदी में जन्मदिन की खुशियाँ मातम में बदलींपुलगांव थाना क्षेत्र के छातागढ़ के पास पेपरछेड़ी-गनियारी स्थित शिवनाथ नदी में एक और दर्दनाक हादसा हुआ।

यहाँ शुक्रवार शाम को 7 दोस्त मिलकर एक दोस्त का जन्मदिन मनाने पहुँचे थे। इस दौरान नदी में नहाते समय रेहान (14 वर्ष) और आरव बंजारे (13 वर्ष) तेज बहाव में बह गए।SDRF की टीम ने शुक्रवार से ही लगातार तीन दिनों तक यहाँ चुनौतीपूर्ण सर्च अभियान चलाया। शनिवार को रेहान का शव घटनास्थल से करीब एक किलोमीटर दूर मिल गया था, लेकिन आरव का कुछ पता नहीं चल पा रहा था।
सोमवार सुबह सूचना मिली कि नगपुरा गांव के स्टॉप डैम में एक शव फंसा हुआ है। मौके पर पहुँचे गोताखोरों ने डीप डाइविंग के जरिए शव को बाहर निकाला, जिसकी पहचान उरला (दुर्ग) के बॉम्बे आवास निवासी आरव बंजारे के रूप में हुई। लंबे समय तक पानी में रहने के कारण किशोर का शव बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुका था।
SDRF का साहसिक रेस्क्यू ऑपरेशन
दोनों ही मामलों में SDRF के जवानों ने बेहद प्रतिकूल और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में काम किया। खारून नदी के जामराव एनीकेट में जहाँ 30 फीट नीचे गहरे पानी में उतरकर शव को खोजा गया, वहीं शिवनाथ नदी में तीन दिनों तक लगातार बोट और आधुनिक उपकरणों के सहारे सर्च ऑपरेशन चलाकर दूसरे बच्चे का शव निकाला जा सका।
⚠️ जनहित में जारी: नदी-नालों के पास बरतें ये सावधानियाँ
बरसात के मौसम में नदी, नाले और जलप्रपातों का जलस्तर अचानक बढ़ जाता है। ऐसे में थोड़ी सी लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है।
प्रशासन और पुलिस ने नागरिकों से निम्नलिखित गाइडलाइंस का पालन करने की अपील की है:
तेज बहाव से दूरी: उफान पर चल रही नदियों, एनीकेट या स्टॉप डैम के पास सेल्फी लेने या नहाने के लिए पानी में न उतरें।
अंजान गहराई का खतरा: पानी ऊपर से शांत दिखने पर भी अंदर गहरे गड्ढे या तेज अंडरकरंट (आंतरिक बहाव) हो सकते हैं, जो तैरना जानने वालों को भी खींच लेते हैं।
बच्चों पर विशेष नजर: पिकनिक स्पॉट या जलस्रोतों के पास बच्चों को कभी भी अकेला या असुरक्षित न छोड़ें।
चेतावनी बोर्ड का सम्मान: प्रशासन द्वारा लगाए गए ‘खतरा’ या ‘प्रतिबंधित क्षेत्र’ के बोर्ड को नजरअंदाज न करें और हुड़दंगबाजी से बचें।
अपवाह फैलाएं,बच्चों से कहें नदी में मगरमच्छ आया है।





