अंबिकापुर बाल संप्रेक्षण गृह से फिर 13 अपचारी बालक फरार; 5 हिरासत में, 8 की तलाश में तीन जिलों की पुलिस मुस्तैद
राज्य ब्यूरो मोहम्मद आसिफ खान संपादक वीरेंद्र कुमार
*******************************
अंबिकापुर बाल संप्रेक्षण गृह से फिर 13 अपचारी बालक फरार; 5 हिरासत में, 8 की तलाश में तीन जिलों की पुलिस मुस्तैद
अंबिकापुर (सरगुजा)। छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिला अंतर्गत अंबिकापुर शहर से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। गांधीनगर स्थित बाल संप्रेक्षण गृह से मंगलवार रात भोजन के बाद 13 अपचारी बालक परिसर का पुराना और जर्जर दरवाजा तोड़कर फरार हो गए हैं। इस सनसनीखेज घटना के बाद पुलिस प्रशासन तुरंत हरकत में आया और संयुक्त अभियान चलाकर अब तक 5 बालकों को दोबारा हिरासत में ले लिया है, जबकि शेष 8 की तलाश सरगर्मी से जारी है।
दरवाजा क्षतिग्रस्त कर रची फरारी की साजिश
जानकारी के अनुसार, मंगलवार रात को भोजन करने के बाद अपचारी बालकों ने परिसर के एक पुराने और जर्जर दरवाजे को निशाना बनाया। उन्होंने दरवाजे को क्षतिग्रस्त कर दिया और वहां से भाग निकलने की योजना को सफलतापूर्वक अंजाम दिया। घटना की भनक लगते ही गांधीनगर थाना पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी फौरन मौके पर पहुंचे। इसके बाद पूरे जिले में नाकाबंदी कर फरार बालकों की खोजबीन शुरू की गई।
संयुक्त पुलिस अभियान: 5 बालक दोबारा पकड़े गए
ताजा अपडेट के मुताबिक, फरार हुए 13 बालकों में से 5 को पुलिस ने ढूंढ निकाला है। पुलिस टीमों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 3 बालकों को बलरामपुर जिले के राजपुर एवं बलरामपुर थाना क्षेत्र से दबोचा है। वहीं, 2 अन्य बालकों को कोरिया जिले के चर्चा थाना क्षेत्र से हिरासत में लिया गया है। फरार बालकों को जल्द से जल्द पकड़ने के लिए इस समय सरगुजा, बलरामपुर और कोरिया जिले की पुलिस संयुक्त रूप से एक बड़ा सर्च ऑपरेशन चला रही है।
गंभीर मामलों में निरुद्ध थे बालक, पुराना मास्टरमाइंड ही शक के घेरे में
बताया जा रहा है कि फरार होने वाले इन अपचारी बालकों में सरगुजा, सूरजपुर और कोरिया जिले के किशोर शामिल हैं। ये सभी हत्या, दुष्कर्म, लूट और चोरी जैसे बेहद गंभीर और संगीन मामलों में यहां निरुद्ध थे। प्रारंभिक जांच में पुलिस को अंदेशा है कि इस पूरी फरारी की साजिश का मास्टरमाइंड वही बालक है, जो पिछले महीने 23 जून को हुई फरारी की घटना में भी शामिल था।
एक महीने के भीतर दूसरी घटना, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल
उल्लेखनीय है कि इस बाल संप्रेक्षण गृह से एक महीने के भीतर फरारी की यह दूसरी बड़ी घटना है। इससे पहले बीते 23 जून को भी 11 अपचारी बालक खिड़की तोड़कर भाग निकले थे, जिन्हें बाद में पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद पकड़ा था। बार-बार हो रही इन घटनाओं ने बाल संप्रेक्षण गृह की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल कर रख दी है और प्रबंधन पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
सुरक्षा पुख्ता करने का दावा, पुलिस की टीमें दे रहीं दबिश
लगातार सुरक्षा में चूक के बाद संप्रेक्षण गृह की प्रभारी अधिकारी शमा नूरी ने बताया कि अब परिसर की सुरक्षा व्यवस्था को कड़ा किया जा रहा है। यहां नगर सैनिकों (होमगार्ड) की संख्या बढ़ाई जाएगी। इसके साथ ही परिसर के सभी पुराने दरवाजों और खिड़कियों को वेल्डिंग करवाकर मजबूत करने का काम शुरू कर दिया गया है।
दूसरी तरफ, गांधीनगर थाना प्रभारी प्रवीण कुमार द्विवेदी ने बताया कि शेष 8 फरार बालकों की धरपकड़ के लिए पुलिस की अलग-अलग टीमें लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। शहर के बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और जिला सीमाओं पर विशेष निगरानी बढ़ा दी गई है। थाना प्रभारी ने दावा किया है कि बहुत जल्द ही सभी फरार अपचारी बालकों को पुलिस की गिरफ्त में ले लिया जाएगा।





