12 साल से फरार रेलवे संपत्ति चोर बिहार से गिरफ्तार, आरपीएफ दुर्ग की बड़ी कार्रवाई

 12 साल से फरार रेलवे संपत्ति चोर बिहार से गिरफ्तार, आरपीएफ दुर्ग की बड़ी कार्रवाई

राज्य ब्यूरो मोहम्मद आसिफ खान संपादक वीरेंद्र कुमार

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12 साल से फरार रेलवे संपत्ति चोर बिहार से गिरफ्तार, आरपीएफ दुर्ग की बड़ी कार्रवाई

 

 

दुर्ग। रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) दुर्ग ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए रेल संपत्ति की चोरी के 12 वर्ष पुराने स्थायी गिरफ्तारी वारंटी (PNBW) आरोपी को बिहार से गिरफ्तार कर लिया है। महानिरीक्षक सह प्रधान मुख्य सुरक्षा आयुक्त (रे.सु.बल), दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे, बिलासपुर द्वारा चलाए जा रहे ‘वारंट तामील अभियान’ के तहत यह कार्रवाई की गई। वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त, रायपुर के मार्गदर्शन में दुर्ग पोस्ट प्रभारी श्री सिन्हा के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित कर आरोपी को सलाखों के पीछे भेजा गया।

12 साल पुराना है मामला

माननीय विशेष रेलवे न्यायालय, रायपुर द्वारा आरपीएफ पोस्ट दुर्ग के अपराध क्रमांक 02/2012 एवं न्यायालयीन प्रकरण क्रमांक 1153/2012, धारा 3(a) RP(UP) Act के तहत आरोपी मोहम्मद राजू (36 वर्ष), पिता मोहम्मद इदरीशउद्दीन के खिलाफ स्थायी गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया था। आरोपी मूल रूप से ग्राम झिकटिया, थाना महेशखूंट, जिला खगड़िया (बिहार) का निवासी है और पिछले 12 वर्षों से पुलिस की आंखों में धूल झोंक रहा था।

ऐसे बुना गया गिरफ्तारी का जाल

मुखबिर तंत्र सक्रिय: वारंट तामील करने के लिए सहायक उप निरीक्षक निरंजन, सहायक उप निरीक्षक डी.के. सिंह, प्रधान आरक्षक बी. राजौरिया और आरक्षक एस.आर. मीणा की टीम 10 जुलाई 2026 को खगड़िया (बिहार) पहुंची। वहाँ टीम ने अपने मुखबिरों को सक्रिय किया।

पैतृक गाँव आने की सूचना: मुखबिर से जानकारी मिली कि आरोपी अमूमन दूसरे राज्यों में मजदूरी करता है, लेकिन वर्तमान में वह अपने पैतृक गाँव आया हुआ है।

स्थानीय पुलिस से समन्वय: 12 जुलाई 2026 को आरपीएफ टीम ने स्थानीय महेशखूंट थाना प्रभारी से संपर्क साधा और संयुक्त रूप से दबिश देने की एक पुख्ता योजना तैयार की।

घेराबंदी कर दबोचा, भेजा गया जेल13 जुलाई 2026 को मुखबिर की सटीक सूचना पर आरपीएफ और स्थानीय पुलिस ने संयुक्त रूप से आरोपी के घर पर दबिश दी।

पुलिस को देखकर आरोपी ने भागने का प्रयास किया, लेकिन मुस्तैद टीम ने उसे चारों तरफ से घेरकर दबोच लिया। वारंट दिखाने पर उसने अपना जुर्म और नाम-पता स्वीकार किया।आरपीएफ ने वैधानिक कार्यवाही करते हुए गिरफ्तारी की सूचना उसके परिजनों को दी।

इसके बाद आरोपी का मेडिकल मुलाहिजा (चिकित्सकीय परीक्षण) कराया गया। टीम ने आरोपी को माननीय न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी, खगड़िया के न्यायालय में पेश कर वहाँ से ट्रांजिट रिमांड हासिल किया। ट्रांजिट रिमांड मिलने के बाद आरोपी को दुर्ग लाया गया, जहाँ से उसे जेल भेज दिया गया है।