देवदूत बनी डोंगरगढ़ RPF और GRP: चलती ट्रेन में गूंजी किलकारी, सूझबूझ से बचाई माँ-बच्चे की जान

राज्य ब्यूरो मोहम्मद आसिफ खान संपादक वीरेंद्र कुमार

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देवदूत बनी डोंगरगढ़ RPF और GRP: चलती ट्रेन में गूंजी किलकारी, सूझबूझ से बचाई माँ-बच्चे की जान

 

 

 

डोंगरगढ़।डोंगरगढ़ रेलवे स्टेशन पर आज आरपीएफ (RPF) और जीआरपी (GRP) के जवानों ने अपनी तत्परता और सूझबूझ से एक महिला यात्री की जान बचाते हुए मानवता की अनूठी मिसाल पेश की है। ट्रेन में सफर के दौरान अचानक प्रसव पीड़ा (लेबर पेन) से तड़प रही महिला के लिए रेल पुलिस और रेलवे का अमला देवदूत बनकर सामने आया।मिली जानकारी के अनुसार, एक गर्भवती महिला ट्रेन में यात्रा कर रही थी।

डोंगरगढ़ स्टेशन के पास आते ही महिला को अचानक तीव्र प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। स्थिति बिगड़ती देख स्टेशन पर तैनात रेलवे सुरक्षा बल (रेसुब) और शासकीय रेल पुलिस (जीआरपी) के सजग जवानों ने तुरंत मोर्चा संभाला।

बिना एक पल गंवाए, इसकी सूचना रेलवे के चिकित्सा विभाग को दी गई।ट्रेन के डोंगरगढ़ पहुंचते ही रेलवे डॉक्टर तुरंत मौके पर पहुंचे। आपातकालीन स्थिति को देखते हुए स्टेशन पर मौजूद महिला सफाई कर्मचारियों की मदद ली गई। सभी के सामूहिक प्रयास और डॉक्टरों की देखरेख में महिला का स्टेशन/गाड़ी में ही सुरक्षित प्रसव कराया गया।

प्रसव के तुरंत बाद जच्चा और बच्चा दोनों को बेहतर देखभाल के लिए रेलवे डॉक्टर की उपस्थिति में एम्बुलेंस के जरिए शासकीय अस्पताल, अछोली में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों के मुताबिक, माँ और नवजात शिशु दोनों पूरी तरह से स्वस्थ और सुरक्षित हैं। रेल पुलिस और सफाई कर्मचारियों के इस मानवीय चेहरे और त्वरित एक्शन की स्टेशन पर मौजूद अन्य यात्रियों और आम जनता ने जमकर सराहना की है।