तेंदुए के शिकार और खाल तस्करी का भंडाफोड़: रायपुर की उड़नदस्ता टीम ने 5 आरोपियों को दबोचा, भेजा गया जेल
राज्य ब्यूरो मोहम्मद आसिफ खान संपादक वीरेंद्र कुमार
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तेंदुए के शिकार और खाल तस्करी का भंडाफोड़: रायपुर की उड़नदस्ता टीम ने 5 आरोपियों को दबोचा, भेजा गया जेल
जगदलपुर: छत्तीसगढ़ में वन्यजीवों के अवैध शिकार और तस्करी के खिलाफ वन विभाग को एक बड़ी कामयाबी मिली है। राज्यस्तरीय उड़नदस्ता टीम ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए एक वयस्क तेंदुए की खाल के साथ पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है।

ग्राहक बनकर पहुंची टीम
जानकारी के अनुसार, रायपुर की राज्यस्तरीय उड़नदस्ता टीम को मुखबिर से सूचना मिली थी कि जगदलपुर क्षेत्र में कुछ लोग तेंदुए की खाल बेचने की फिराक में हैं। सूचना की पुष्टि के बाद टीम जगदलपुर पहुंची। तस्करों को रंगे हाथ पकड़ने के लिए वन विभाग के सदस्यों ने खुद व्यापारी (ग्राहक) बनकर आरोपियों से संपर्क साधा। जैसे ही खाल की पुष्टि हुई, टीम ने घेराबंदी कर पांचों आरोपियों को धर दबोचा।
जाल बिछाकर किया था शिकार
एसडीओ वीएन नाग ने बताया कि आरोपियों ने तुमनार और गुमलनार के जंगलों में जाल बिछाकर एक तेंदुए का शिकार किया था। बरामद खाल को देखकर अनुमान लगाया गया है कि तेंदुए की उम्र लगभग तीन से चार वर्ष रही होगी। शिकारियों ने खाल को करीब छह माह तक सुखाया था और वे लंबे समय से ग्राहक की तलाश कर रहे थे।
ये आरोपी हुए गिरफ्तार
वन विभाग ने इस मामले में पांच लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनकी पहचान सुंदरलाल, धरमु, डियालु, दिनेश और गोगरु यादव के रूप में हुई है। इन सभी के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम (वन अधिनियम) की विभिन्न धाराओं के तहत सख्त कार्रवाई की गई है।
न्यायालय ने भेजा जेल
गिरफ्तारी के बाद सभी पांचों आरोपियों को आज स्थानीय न्यायालय में पेश किया गया। मामले की गंभीरता और साक्ष्यों को देखते हुए न्यायालय ने उन्हें जेल भेजने का आदेश दिया। विभाग की इस त्वरित कार्रवाई से वन्यजीव तस्करों में हड़कंप मच गया है। अधिकारियों का कहना है कि क्षेत्र में अवैध शिकार को रोकने के लिए निगरानी और बढ़ा दी गई है।





