राजनांदगांव दोहरा हत्याकांड: कोर्ट का बड़ा फैसला, 11 दोषियों को उम्रकैद की सजा
राज्य ब्यूरो मोहम्मद आसिफ खान संपादक वीरेंद्र कुमार
***************************
राजनांदगांव दोहरा हत्याकांड: कोर्ट का बड़ा फैसला, 11 दोषियों को उम्रकैद की सजा
राजनांदगांव: छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले के बहुचर्चित नंदई चौक दोहरे हत्याकांड में न्यायालय ने अपना ऐतिहासिक फैसला सुना दिया है। कोर्ट ने इस जघन्य अपराध के लिए कुल 11 आरोपियों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास (उम्रकैद) की सजा सुनाई है। साथ ही, प्रत्येक दोषी पर 9,500 रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। साक्ष्यों के अभाव में दो अन्य आरोपियों को बरी कर दिया गया है।
क्या था पूरा मामला?
यह खौफनाक वारदात 31 अगस्त 2022 को बसंतपुर थाना क्षेत्र के नंदई चौक के पास घटित हुई थी। आपसी विवाद और मामूली कहासुनी ने इतना हिंसक रूप ले लिया कि आरोपियों ने चाकू और डंडों से लैस होकर दो युवकों पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। इस हमले में विकास उर्फ कान्हा सारथी और जितेंद्र साहू की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई थी। इस घटना के बाद पूरे इलाके में भारी तनाव फैल गया था।
पुलिस की सक्रियता और पुख्ता सबूत
वारदात के बाद बसंतपुर थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सभी संदिग्धों को हिरासत में लिया था। पुलिस ने मौके से हमले में इस्तेमाल किए गए चाकू, डंडे और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य बरामद किए थे। पुलिस की प्रभावी जांच और समय पर न्यायालय में पेश किए गए ठोस गवाहों व सबूतों के आधार पर ही आरोपियों को दोषी सिद्ध करने में सफलता मिली।
न्यायालय का कड़ा रुख
मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, राजनांदगांव की अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए इसे जघन्य अपराध माना। कोर्ट ने 11 आरोपियों को हत्या और आर्म्स एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत दोषी पाते हुए उन्हें जीवन भर जेल की सलाखों के पीछे रहने का आदेश दिया।
यह फैसला समाज में एक कड़ा संदेश देता है कि आपसी रंजिश में कानून हाथ में लेने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।





