धरमजयगढ़ में हाथियों का भारी उत्पात: रायगढ़ रोड पर थमा पहिया, 14 किसानों की फसलें बर्बाद; वनमंडल में संख्या बढ़कर हुई 133

 धरमजयगढ़ में हाथियों का भारी उत्पात: रायगढ़ रोड पर थमा पहिया, 14 किसानों की फसलें बर्बाद; वनमंडल में संख्या बढ़कर हुई 133

राज्य ब्यूरो मोहम्मद आसिफ खान संपादक वीरेंद्र कुमार

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धरमजयगढ़ में हाथियों का भारी उत्पात: रायगढ़ रोड पर थमा पहिया, 14 किसानों की फसलें बर्बाद; वनमंडल में संख्या बढ़कर हुई 133

धरमजयगढ़ (रायगढ़):धरमजयगढ़ वनमंडल में हाथियों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। अब हाथियों के दल न केवल रिहायशी इलाकों में घुस रहे हैं, बल्कि मुख्य सड़कों पर भी दस्तक दे रहे हैं। ताजा घटनाक्रम में 10 हाथियों के एक झुंड ने रायगढ़ रोड पर पहुंचकर यातायात को पूरी तरह ठप कर दिया। इसके साथ ही रात के अंधेरे में हाथियों ने 14 किसानों की मेहनत से तैयार फसलों को पैरों तले रौंद डाला।

सड़क पर घंटों मची अफरा-तफरी

वन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, 10 हाथियों का एक दल आमगांव परिसर के कक्ष क्रमांक 368 आरएफ जंगल से निकलकर सड़क पार कर रहा था। हाथियों को अचानक मुख्य मार्ग पर देख राहगीरों में हड़कंप मच गया। सुरक्षा की दृष्टि से वाहनों के पहिए थम गए और करीब आधे घंटे तक आवाजाही बंद रही। वन विभाग और ‘हाथी मित्र दल’ की कड़ी मशक्कत के बाद जब हाथियों का दल सुरक्षित तरीके से कक्ष क्रमांक 367 आरएफ की ओर चला गया, तब कहीं जाकर यातायात बहाल हो सका।

आंकड़ों ने बढ़ाई चिंता: शावकों की संख्या 35 पहुंची

वन विभाग के नवीनतम आंकड़ों ने अधिकारियों की नींद उड़ा दी है। धरमजयगढ़ वनमंडल में अब हाथियों की कुल संख्या बढ़कर 133 हो गई है। इसमें 31 नर, 67 मादा और 35 शावक शामिल हैं। हाथियों के बढ़ते कुनबे ने वन विभाग के सामने प्रबंधन की बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है।

किस क्षेत्र में कितने हाथी सक्रिय?

छाल रेंज (बोजिया): सर्वाधिक 35 हाथी।

पोटिया: 30 हाथी।

आमगांव: 15 हाथी।

लैलूंगा (आमापाली): 13 हाथी।

प्रशासन की अपील: सतर्क रहें ग्रामीण

हाथियों की मौजूदगी को देखते हुए वन विभाग ने शेरवन, दर्रीडीह, ओंगना, पोटिया और खलबोरा सहित आसपास के संवेदनशील गांवों में अलर्ट जारी किया है। विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे रात के समय घरों से बाहर न निकलें और किसी भी स्थिति में हाथियों के करीब जाने या उन्हें छेड़ने का प्रयास न करें।