दुर्ग में बड़ी धोखाधड़ी: सेना के जवान की जगह फर्जी व्यक्ति खड़ा कर बेची संयुक्त जमीन, 3 साल से फरार बड़ा भाई गिरफ्तार
राज्य ब्यूरो मोहम्मद आसिफ खान संपादक वीरेंद्र कुमार
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दुर्ग में बड़ी धोखाधड़ी: सेना के जवान की जगह फर्जी व्यक्ति खड़ा कर बेची संयुक्त जमीन, 3 साल से फरार बड़ा भाई गिरफ्तार
दुर्ग (पाटन):छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के पाटन थाना क्षेत्र से धोखाधड़ी का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां एक कलयुगी बड़े भाई ने भारतीय सेना (आर्मी) में तैनात अपने ही सगे छोटे भाई की पीठ में छुरा घोंप दिया। आरोपी ने भाई की अनुपस्थिति का फायदा उठाते हुए उसकी जगह किसी अन्य फर्जी व्यक्ति को खड़ा किया और संयुक्त स्वामित्व वाली कृषि भूमि की रजिस्ट्री करा दी। पाटन पुलिस ने तीन साल से फरार चल रहे मुख्य आरोपी ईश्वर दास को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश कर दिया है।
भाई की गैरमौजूदगी में रची साजिश
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, पीड़ित युवक भारतीय सेना में पदस्थ है और देश की सेवा में बाहर तैनात था। इसी का फायदा उठाकर उसके बड़े भाई ईश्वर दास ने संयुक्त नाम पर दर्ज कीमती कृषि भूमि को बेचने का षड्यंत्र रचा। उसने जमीन बेचने और अवैध आर्थिक लाभ कमाने के लिए पहचान संबंधी दस्तावेजों में भारी हेरफेर की और फर्जी दस्तावेज तैयार किए।
फर्जी पहचान देकर कराई रजिस्ट्री
हैरानी की बात यह है कि आरोपी ने रजिस्ट्री कार्यालय और खरीदार को धोखा देने के लिए एक अज्ञात व्यक्ति को अपने फौजी भाई के रूप में पेश किया। फर्जी गवाहों और नकली दस्तावेजों के सहारे उसने जमीन की बिक्री प्रक्रिया पूरी कर ली। जब पीड़ित जवान को इसकी भनक लगी, तो उसने साल 2023 में पाटन थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई।
3 साल बाद चढ़ा पुलिस के हत्थे
शिकायत मिलने के बाद पाटन पुलिस ने जब मामले के दस्तावेजों की बारीकी से पड़ताल की, तो फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ। मामला दर्ज होने के बाद से ही आरोपी ईश्वर दास लगातार फरार चल रहा था। पुलिस की एक विशेष टीम उसकी तलाश में जुटी हुई थी, जिसे रविवार को सफलता मिली। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है और मामले में शामिल अन्य फर्जी व्यक्तियों की तलाश की जा रही है।





