विशाखापत्तनम स्टील प्लांट में भीषण हादसा: पिघला हुआ स्टील लीक होने से 8 मजदूरों की मौत, कई गंभीर रूप से झुलसे
राज्य ब्यूरो मोहम्मद आसिफ खान संपादक वीरेंद्र कुमार
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विशाखापत्तनम स्टील प्लांट में भीषण हादसा: पिघला हुआ स्टील लीक होने से 8 मजदूरों की मौत, कई गंभीर रूप से झुलसे
विशाखापत्तनम (आंध्र प्रदेश)।आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम स्टील प्लांट (या विजाग स्टील प्लांट) में सोमवार को एक बड़ा और दर्दनाक औद्योगिक हादसा हो गया। प्लांट के स्टील मेल्टिंग शॉप (SMS)-2 और STC-3 हीट फैसिलिटी में अत्यधिक उच्च तापमान पर पिघला हुआ स्टील (Hot Molten Steel) ले जा रही बाल्टी (Ladle/Bucket) के अचानक गिरने और फटने से भारी मात्रा में तरल धातु का रिसाव हो गया। इस भयावह हादसे में झुलसने के कारण 8 मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि कई अन्य श्रमिक गंभीर रूप से घायल हो गए हैं।
क्रेन से बाल्टी फिसलने के बाद मची अफरा-तफरी
विशाखापत्तनम स्टील प्लांट सर्कल इंस्पेक्टर केसव राव और पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, यह घटना उस समय हुई जब क्रेन के जरिए पिघले हुए स्टील को लिफ्ट किया जा रहा था। इसी दौरान अचानक नियंत्रण खो जाने के कारण लाडले (पिघली धातु की बाल्टी) नीचे गिर गई।लगभग 1500 डिग्री सेल्सियस से अधिक तापमान वाला खौलता हुआ स्टील जमीन पर गिरते ही पूरी यूनिट में आग की लपटें उठने लगीं और घना धुआं छा गया।
वहां काम कर रहे कर्मचारियों को संभलने और भागने का मौका तक नहीं मिला, जिससे पूरे प्लांट परिसर में अफरा-तफरी मच गई।
राहत और बचाव कार्य जारी
घटना की सूचना मिलते ही स्टील प्लांट प्रबंधन की आंतरिक आपदा प्रबंधन टीम, दमकल विभाग और पुलिस की बचाव टीमें मौके पर पहुंचीं।फैक्टरी के भीतर भीषण गर्मी और धुएं के गुबार के बावजूद राहत कार्य तेजी से चलाया जा रहा है।गंभीर रूप से झुलसे हुए सभी घायल मजदूरों को तुरंत पास के विशाखा स्टील जनरल अस्पताल और अन्य निजी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।डॉक्टरों के अनुसार, कुछ घायलों की स्थिति बेहद नाजुक बनी हुई है, जिसके चलते मृतकों की संख्या में और इजाफा होने की आशंका जताई गई है।
सीएम चंद्रबाबू नायडू ने जताया दुख, जांच के आदेश
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने इस भीषण हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया है और शोक संतप्त परिवारों के प्रति अपनी संवेदनाएं प्रकट की हैं। उन्होंने जिला प्रशासन और अस्पताल प्रबंधन को घायलों को सर्वोत्तम चिकित्सा सहायता प्रदान करने के निर्देश दिए हैं।इस बीच, प्लांट प्रशासन और सुरक्षा विंग ने दुर्घटना के सटीक कारणों का पता लगाने के लिए एक उच्च स्तरीय आंतरिक जांच समिति का गठन कर दिया है। यह जांच मुख्य रूप से इस बात पर केंद्रित होगी कि क्या लिफ्टिंग ऑपरेशन के दौरान कोई तकनीकी खराबी आई थी या सुरक्षा मानकों की अनदेखी की गई थी।





