वेदांता पावर प्लांट हादसा: मौतों का आंकड़ा बढ़ा, इलाज के दौरान दो और श्रमिकों ने तोड़ा दम
राज्य ब्यूरो मोहम्मद आसिफ खान संपादक वीरेंद्र कुमार
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वेदांता पावर प्लांट हादसा: मौतों का आंकड़ा बढ़ा, इलाज के दौरान दो और श्रमिकों ने तोड़ा दम
सक्ती/रायपुर: छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले के सिंघीतराई स्थित वेदांता पावर प्लांट में हुए भीषण बॉयलर विस्फोट ने अब और भी विकराल रूप ले लिया है। हादसे में झुलसे दो और श्रमिकों की इलाज के दौरान मौत हो गई है, जिसके बाद इस त्रासदी में जान गंवाने वालों की कुल संख्या बढ़कर 22 हो गई है।
इलाज के दौरान थमी सांसें
ताजा जानकारी के अनुसार, सिंगरौली (मध्य प्रदेश) निवासी श्रमिक किस्मत अली ने गुरुवार शाम रायपुर में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। वहीं, वेस्ट बंगाल निवासी सुब्रोतो जेना की रायगढ़ मेडिकल कॉलेज में मौत हो गई। 14 अप्रैल को हुए इस हादसे के बाद से ही दोनों की स्थिति नाजुक बनी हुई थी।
अस्पतालों में जिंदगी की जंग लड़ रहे श्रमिक
हादसे में घायल अन्य श्रमिकों की स्थिति भी चिंताजनक है। रायगढ़ के विभिन्न अस्पतालों में भर्ती 10 घायलों में से 3 की हालत गंभीर है। इनमें उपेंद्र साहू की स्थिति सबसे ज्यादा नाजुक बताई जा रही है; उनका शरीर 90 प्रतिशत तक झुलस चुका है और वे फिलहाल वेंटिलेटर पर हैं।
तकनीकी खामियां बनीं काल
प्रारंभिक जांच में प्लांट प्रबंधन की बड़ी लापरवाही सामने आ रही है। बताया जा रहा है कि बॉयलर-1 में लंबे समय से तकनीकी खामियां थीं, जिसे नजरअंदाज कर प्लांट का संचालन जारी रखा गया। 14 अप्रैल की दोपहर ट्यूब फटने से हुआ विस्फोट इतना भीषण था कि मौके पर ही चार श्रमिकों की मौत हो गई थी और बॉयलर का ढांचा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।
मुआवजे पर खींचतान जारी
हादसे के बाद वेदांता प्रबंधन ने मृतकों के परिजनों को 35 लाख रुपये और गंभीर घायलों को 15 लाख रुपये के साथ एक सदस्य को नौकरी देने का एलान किया है। हालांकि, मजदूर संगठनों में इस घोषणा को लेकर भारी असंतोष है। संगठन अब एक करोड़ रुपये मुआवजे और स्थायी नौकरी की मांग पर अड़े हुए हैं। प्रशासन और पुलिस की टीम मामले की गहन जांच में जुटी है।





