दुर्ग जिले में बढ़ा स्वाइन फ्लू का खतरा: 13 मरीजों में H1N1 की पुष्टि, स्वास्थ्य विभाग अलर्ट

राज्य ब्यूरो मोहम्मद आसिफ खान संपादक वीरेंद्र कुमार

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दुर्ग जिले में बढ़ा स्वाइन फ्लू का खतरा: 13 मरीजों में H1N1 की पुष्टि, स्वास्थ्य विभाग अलर्ट

दुर्ग। दुर्ग जिले में स्वाइन फ्लू (H1N1) संक्रमण के मामले तेजी से सामने आ रहे हैं। जिले में अब तक 13 मरीजों में स्वाइन फ्लू की पुष्टि हो चुकी है। संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है और जिले के सभी अस्पतालों को जरूरी दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।

4 मरीज हुए स्वस्थ, 7 अस्पताल में भर्ती

राहत की बात यह है कि कुल 13 संक्रमितों में से 4 मरीज इलाज के बाद पूरी तरह स्वस्थ होकर घर लौट चुके हैं। 2 मरीजों की स्थिति सामान्य होने के कारण उनका इलाज घर पर ही जारी है, जबकि 7 मरीजों को अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। स्वास्थ्य विभाग की टीम सभी मरीजों की स्थिति पर लगातार निगरानी रख रही है।

अस्पतालों को तुरंत सूचना देने के निर्देश

महामारी नियंत्रण अधिकारी डॉ. सीबीएस बंजारे ने बताया कि विभाग संक्रमण को लेकर पूरी तरह सतर्क है। जिले के सभी शासकीय और निजी अस्पतालों को निर्देश दिए गए हैं कि स्वाइन फ्लू का कोई भी संदिग्ध या पुष्टि हुआ मरीज मिलने पर उसकी जानकारी तुरंत जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग को दी जाए।

कमजोर इम्युनिटी वालों को अधिक खतरा

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, छोटे बच्चे, बुजुर्ग और गर्भवती महिलाओं में इम्युनिटी कम होने के कारण संक्रमण का खतरा अधिक रहता है। इनमें बीमारी गंभीर रूप ले सकती है। स्वाइन फ्लू सांस की बूंदों (ड्रॉपलेट्स) के जरिए खांसने या छींकने से एक व्यक्ति से दूसरे में तेजी से फैलता है।

लक्षण दिखते ही डॉक्टर से लें सलाह

स्वाइन फ्लू की शुरुआत सामान्य सर्दी-जुकाम, बुखार, खांसी और गले में खराश से होती है। यदि बुखार और खांसी के साथ सांस लेने में तकलीफ हो रही हो, तो इसे कतई नजरअंदाज न करें और तुरंत डॉक्टर से जांच करवाएं।

बचाव के लिए मुख्य सावधानियां

भीड़भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचें और मास्क का उपयोग करें।

हाथों को साबुन और पानी से बार-बार धोएं।

घर और आसपास स्वच्छता बनाए रखें।

खांसते या छींकते समय मुंह और नाक को ढकें।