दुर्ग में त्योहारों पर मनमानी नहीं चलेगी: रात 10 बजे के बाद डीजे पूरी तरह बैन, सड़क घेरी तो होगी सख्त कार्रवाई
राज्य ब्यूरो मोहम्मद आसिफ खान संपादक वीरेंद्र कुमार
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दुर्ग में त्योहारों पर मनमानी नहीं चलेगी: रात 10 बजे के बाद डीजे पूरी तरह बैन, सड़क घेरी तो होगी सख्त कार्रवाई
दुर्ग। आगामी त्योहारों को देखते हुए दुर्ग पुलिस ने जिले के डीजे, साउंड सिस्टम, पंडाल और किराया भंडार संचालकों पर शिकंजा कस दिया है। पुलिस कंट्रोल रूम सेक्टर-6 में हुई एक महत्वपूर्ण बैठक में एएसपी सिटी, सीएसपी छावनी और सीएसपी दुर्ग ने 50 से अधिक संचालकों को बुलाकर ध्वनि प्रदूषण, यातायात और सुरक्षा से जुड़े कड़े दिशा-निर्देश जारी किए हैं। पुलिस ने स्पष्ट कर दिया है कि त्योहार के नाम पर तेज आवाज और सड़क पर हुड़दंग बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

रात 10 से सुबह 6 बजे तक पूर्ण प्रतिबंध
बैठक में पुलिस प्रशासन ने आदेश दिया है कि रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक किसी भी प्रकार के डीजे, साउंड सिस्टम या ध्वनि विस्तारक यंत्रों का उपयोग पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। दिन के समय भी तय मानक से अधिक आवाज पाए जाने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा, जुलूस या आयोजनों में वाहनों पर डीजे लगाकर तेज आवाज में बजाने की परंपरा पर भी पूरी तरह रोक लगा दी गई है।
75 डेसिबल से अधिक आवाज पर होगी नाप-जोल
सार्वजनिक स्थानों पर ध्वनि विस्तारक यंत्रों की आवाज आसपास के सामान्य शोर से 10 डेसिबल से अधिक या अधिकतम 75 डेसिबल से ऊपर नहीं हो सकती। पुलिस ने संचालकों को अपने साथ अनिवार्य रूप से ‘साउंड लेवल मीटर’ (आवाज मापने वाला यंत्र) रखने के निर्देश दिए हैं ताकि तय सीमा की जांच की जा सके।
साइलेंस जोन में विशेष सख्ती
अस्पताल, स्कूल-कॉलेज, न्यायालय और सरकारी कार्यालयों के 100 मीटर के दायरे को ‘शांत क्षेत्र’ (साइलेंस जोन) घोषित किया गया है। इन इलाकों में तेज आवाज में साउंड सिस्टम चलाने वालों पर तत्काल कार्रवाई होगी।
सड़क पर पंडाल लगाया तो खैर नहीं
पंडाल आयोजकों के लिए भी नियम सख्त कर दिए गए हैं:
सफेद निशान के पीछे: पंडाल सड़क पर तय सफेद पट्टी के पीछे ही लगाने होंगे।
रास्ता रखना होगा खाली: मुख्य सड़क, आम पैदल रास्ता और आपातकालीन मार्ग (इमरजेंसी एग्जिट) किसी भी स्थिति में बाधित नहीं होने चाहिए।
अनुमति अनिवार्य: आयोजन से पहले नगर निगम और संबंधित विभागों से एनओसी/अनुमति लेना अनिवार्य है।
सुरक्षा जांच: बिजली सुरक्षा, अग्निशामक व्यवस्था और पंडाल की क्षमता व मजबूती की जांच के बाद ही आयोजन की अनुमति मिलेगी।
उच्च न्यायालय के आदेशों का होगा पालन
पुलिस अधिकारियों ने संचालकों को सचेत किया कि ये नियम उच्च न्यायालय के 20 नवंबर 2023 के आदेश और ध्वनि प्रदूषण (नियमन एवं नियंत्रण) नियमों के तहत लागू किए जा रहे हैं। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सामग्री जब्ती और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।





