जगदलपुर में नकली खाद पर फूटा किसानों का गुस्सा, कांग्रेस के समर्थन से प्रशासन को सौंपा ज्ञापन; बिक्री पर 21 दिनों का बैन
राज्य ब्यूरो मोहम्मद आसिफ खान संपादक वीरेंद्र कुमार
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जगदलपुर में नकली खाद पर फूटा किसानों का गुस्सा, कांग्रेस के समर्थन से प्रशासन को सौंपा ज्ञापन; बिक्री पर 21 दिनों का बै
जगदलपुर (बस्तर):बस्तर जिले में नकली और अमानक खाद की सप्लाई को लेकर किसानों का आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। [2026] भारी आर्थिक नुकसान और फसलों के खराब होने की आशंका से परेशान किसानों ने एकजुट होकर प्रशासन को ज्ञापन सौंपा है। इस पूरे विरोध प्रदर्शन को मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस का भी पुरजोर समर्थन मिला है।
किसानों का आरोप: कालाबाजारी और मिलावट का खेल
दाम में लूट: सरकारी सहकारी समितियों के बजाय किसानों को मजबूरन निजी दुकानों का रुख करना पड़ रहा है।
दोगुनी कीमत: जिस खाद की सरकारी या तय कीमत 1,350 रुपये है, उसे निजी दुकानदार 2,000 रुपये में बेच रहे हैं।
घटिया गुणवत्ता: महंगी कीमत चुकाने के बाद भी खाद में भारी मिलावट पाई गई है।
फसलें प्रभावित: किसानों का दावा है कि खेतों में डालने के बाद भी इस खाद का फसलों पर कोई सकारात्मक असर नहीं दिख रहा है, जिससे सैकड़ों किसानों की मेहनत दांव पर लग गई है।
कृषि विभाग की त्वरित कार्रवाई
शिकायत मिलते ही कृषि विभाग हरकत में आ गया है और प्राथमिक तौर पर निम्नलिखित कदम उठाए हैं:
सैंपल जब्त: संदिग्ध खाद के नमूने (Samples) तुरंत सील कर जांच प्रयोगशाला भेज दिए गए हैं।
दुकान पर प्रतिबंध: संबंधित निजी दुकान पर उर्वरक (Fertilizer) बेचने पर 21 दिनों के लिए पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है।
किसानों की सूची: प्रभावित हुए पीड़ित किसानों का डेटा और सूची तैयार की जा रही है।
आगे क्या होगा?
कृषि विभाग के अधिकारियों का कहना है कि लैब टेस्ट की रिपोर्ट आते ही दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा। अगर खाद अमानक (Substandard) या नकली पाई जाती है, तो निर्माता कंपनी और स्थानीय वितरक (Distributor) दोनों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। किसानों को मिलने वाले मुआवजे पर फैसला भी इस जांच रिपोर्ट के आने के बाद ही तय नियमों के अनुसार लिया जाएगा।





