बलरामपुर में बड़ा हादसा: जंगली मशरूम खाने से एक ही परिवार के 8 लोग फूड प्वाइजनिंग का शिकार, 3 मासूम बच्चे भी गंभीर
राज्य ब्यूरो मोहम्मद आसिफ खान संपादक वीरेंद्र कुमार
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बलरामपुर में बड़ा हादसा: जंगली मशरूम खाने से एक ही परिवार के 8 लोग फूड प्वाइजनिंग का शिकार, 3 मासूम बच्चे भी गंभीर
बलरामपुर (छत्तीसगढ़): बलरामपुर जिले के वाड्रफनगर क्षेत्र के ग्राम स्याही में जंगली मशरूम (पुटु-खुखड़ी) खाने से एक ही परिवार के आठ लोग गंभीर रूप से फूड प्वाइजनिंग का शिकार हो गए हैं। इस घटना से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है।
बीमार बच्चों की जानकारी
जहरीले मशरूम के सेवन से बीमार होने वाले आठ लोगों में तीन मासूम बच्चे भी शामिल हैं। मशरूम की सब्जी खाने के कुछ ही देर बाद बच्चों को पेट में तेज दर्द, लगातार उल्टी-दस्त और चक्कर आने की शिकायत होने लगी। बच्चों की नाजुक हालत को देखते हुए परिजनों में चीख-पुकार मच गई, जिसके बाद सभी को तुरंत अस्पताल ले जाया गया।
अस्पताल में इलाज और तीन मरीज रेफर
सभी बीमार मरीजों को तत्काल सिविल अस्पताल वाड्रफनगर में भर्ती कराया गया। बीएमओ डॉ. हेमंत दीक्षित की देखरेख में डॉक्टरों की टीम लगातार मरीजों के इलाज में जुटी हुई है। हालांकि, तीन मरीजों की हालत अधिक गंभीर होने के कारण उन्हें प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर कर दिया गया है। अन्य मरीजों की स्थिति पर भी डॉक्टर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
जंगल से लाकर खाई थी ‘पुटु-खुखड़ी’
मिली जानकारी के मुताबिक, परिवार के सदस्य जंगल से मशरूम (स्थानीय भाषा में पुटु-खुखड़ी) चुनकर लाए थे। घर में इसकी सब्जी बनाई गई और पूरे परिवार ने इसे चाव से खाया। लेकिन खाने के कुछ समय बाद ही एक-एक कर सबकी तबीयत बिगड़ने लगी। डॉक्टरों ने पुष्टि की है कि यह पूरी तरह से फूड प्वाइजनिंग का मामला है।

स्वास्थ्य विभाग की अपील: अनजान मशरूम से रहें दूर
बरसात के मौसम में जंगलों में प्राकृतिक रूप से पुटु-खुखड़ी उगती है। स्वास्थ्य विभाग और बीएमओ डॉ. हेमंत दीक्षित ने ग्रामीणों से सख्त अपील की है:पहचान जरूरी: बिना सही पहचान के किसी भी जंगली मशरूम को न तोड़ें और न खाएं।जहरीली प्रजातियां: जंगलों में उगने वाले कई मशरूम बेहद जहरीले होते हैं, जो जानलेवा साबित हो सकते हैं।सावधानी बरतें: अज्ञात या संदेहास्पद प्रजाति के मशरूम का सेवन बिल्कुल न करें।





