रायपुर में सनसनी: बंद मकान में मिले एक ही परिवार के 5 शव, कर्ज के दलदल में उजड़ा आशियाना
राज्य ब्यूरो मोहम्मद आसिफ खान संपादक वीरेंद्र कुमार
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रायपुर में सनसनी: बंद मकान में मिले एक ही परिवार के 5 शव, कर्ज के दलदल में उजड़ा आशियाना
रायपुर,टिकरापारा (संजय नगर): राजधानी रायपुर के टिकरापारा थाना क्षेत्र के संजय नगर (मदनी चौक) से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहाँ एक बंद मकान से एक ही परिवार के पांच सदस्यों के शव बरामद किए गए हैं। मृतकों में पति-पत्नी, दो बेटियां और एक बेटा शामिल हैं। घटना की जानकारी मिलते ही इलाके में हड़कंप मच गया और मौके पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई।
सूचना पाकर टिकरापारा पुलिस और फोरेंसिक एक्सपर्ट्स की टीम तुरंत घटनास्थल पर पहुंची और मकान को सील कर साक्ष्य जुटाने की कार्रवाई शुरू कर दी है।
गुरुवार से बंद था दरवाजा, खिड़की से देखने पर खुला राज
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, यह परिवार पिछले आठ महीनों से संजय नगर स्थित इस मकान में किराए पर रह रहा था। आस-पास के पड़ोसियों ने बताया कि गुरुवार शाम से ही घर का मुख्य दरवाजा अंदर से बंद था। काफी समय बीत जाने के बाद भी जब घर में कोई हलचल नहीं हुई, तो पड़ोसियों को गहरे संदेह की अनुभूति हुई। इसके बाद जब आस-पास के लोगों ने खिड़की या अन्य रास्तों से भीतर झांककर देखा, तो उनके होश उड़ गए। घर के अंदर सभी सदस्यों के शव पड़े हुए थे। ग्रामीणों और पड़ोसियों ने बिना वक्त गंवाए तुरंत इसकी सूचना स्थानीय पुलिस को दी।
पति फंदे पर लटका मिला, पत्नी और बच्चों के मुंह से निकल रहा था झाग
पुलिस की शुरुआती जांच और मौके के मुआयने से बेहद चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। मृतकों की पहचान इस प्रकार हुई है:साजिद अली (50 वर्ष) – इनका शव कमरे में फंदे से लटका हुआ पाया गया।राबिया (पत्नी) – इनका शव कमरे के फर्श/बिस्तर पर मृत अवस्था में मिला।इरशाद अली (19 वर्ष, पुत्र) – इनका शव भी कमरे के भीतर मृत पाया गया।शाहिदा (17 वर्ष, पुत्री) – इनका शव संदिग्ध परिस्थितियों में बरामद हुआ।इरशाबा बेगम (16 वर्ष, पुत्री) – इनका शव भी कमरे के अंदर मिला।
जांच अधिकारियों के मुताबिक, साजिद अली को छोड़कर बाकी चारों मृतकों (पत्नी, दोनों बेटियों और बेटे) के मुंह और नाक से सफेद झाग निकला हुआ दिखाई दे रहा था। इस स्थिति को देखते हुए पुलिस और फोरेंसिक एक्सपर्ट्स आशंका जता रहे हैं कि साजिद अली ने फांसी लगाने से पहले परिवार के अन्य सदस्यों को कोई जहरीला या विषाक्त पदार्थ खिलाया होगा, या फिर सभी ने सामूहिक रूप से किसी घातक पदार्थ का सेवन किया है।आर्थिक तंगी और बैंक कर्ज बना विवाद की वजहस्थानीय लोगों और पड़ोसियों से पूछताछ में यह बात सामने आई है कि साजिद अली मौदहापारा इलाके में बैटरी रिपेयरिंग का काम करता था।
पिछले कुछ समय से उसका काम ठीक नहीं चल रहा था, जिसके कारण परिवार गहरे आर्थिक संकट से जूझ रहा था। परिवार पर भारी-भरकम बैंक कर्ज (लोन) भी था।लोन की ईएमआई और वसूली के लिए बैंक के रिकवरी एजेंट अक्सर उनके घर आते थे, जिससे साजिद काफी मानसिक तनाव में रहता था। इस भारी कर्ज और तंगी के चलते पति-पत्नी के बीच अक्सर तीखी बहस और आपसी विवाद भी होता रहता था। माना जा रहा है कि इसी मानसिक प्रताड़ना और तंगहाली से तंग आकर परिवार ने यह आत्मघाती कदम उठाया।इलाके में भारी पुलिस बल तैनात,
पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार
एक ही घर से पांच लाशें निकलने की खबर जैसे ही फैली, मदनी चौक और संजय नगर इलाके में सैकड़ों लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा। भीड़ और कानून व्यवस्था को नियंत्रित करने के लिए मौके पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करना पड़ा।
पुलिस के आला अधिकारियों का कहना है कि मौत के वास्तविक और सटीक कारणों का पता लगाने के लिए सभी पांचों शवों को पोस्टमार्टम (पीएम) के लिए आंबेडकर अस्पताल भेज दिया गया है। पुलिस मर्ग कायम कर इस मामले के सभी संभावित और गंभीर पहलुओं की बारीकी से जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति पूरी तरह साफ हो पाएगी





