पानी टंकी की चाबी को लेकर विवाद: दुर्ग के दांडेसरा में दो पक्षों में खूनी संघर्ष, कुल्हाड़ी-रॉड चले, 9 घायल

 पानी टंकी की चाबी को लेकर विवाद: दुर्ग के दांडेसरा में दो पक्षों में खूनी संघर्ष, कुल्हाड़ी-रॉड चले, 9 घायल

राज्य ब्यूरो मोहम्मद आसिफ खान संपादक वीरेंद्र कुमार

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पानी टंकी की चाबी को लेकर विवाद: दुर्ग के दांडेसरा में दो पक्षों में खूनी संघर्ष, कुल्हाड़ी-रॉड चले, 9 घायल

 

छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहाँ पानी भरने और टंकी की चाबी को लेकर शुरू हुआ विवाद शनिवार को खूनी संघर्ष में बदल गया। जेवरा सिरसा चौकी क्षेत्र के ग्राम दांडेसरा में एक ही परिवार के दो पक्षों के बीच जमकर मारपीट हुई।

इस हिंसक झड़प में दोनों ओर से डंडे, लोहे की रॉड और कुल्हाड़ी (टंगिया) का खुलकर इस्तेमाल किया गया। घटना में कुल 9 लोग घायल हुए हैं, जिनमें से कई की हालत गंभीर बनी हुई है। सभी घायलों को इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

बिजली गुल होने से गहराया जल संकट

ग्रामीणों के अनुसार, दांडेसरा गांव में पिछले तीन दिनों से बिजली बंद थी। बिजली गुल होने के कारण गांव में पानी की किल्लत बढ़ गई थी। इसी बीच शनिवार को पानी भरने और पंचायत की पानी टंकी की चाबी को लेकर विवाद खड़ा हो गया। आरोप है कि एक पक्ष ने टंकी की चाबी देने से साफ इनकार कर दिया, जिससे बात बढ़ती चली गई। देखते ही देखते बहस ने हिंसक रूप ले लिया और दोनों पक्ष हथियारों के साथ आमने-सामने आ गए।

पुरानी रंजिश ने आग में घी का काम किया

स्थानीय लोगों ने बताया कि दोनों पक्ष आपस में रिश्तेदार हैं और उनके दादा सगे भाई थे। दोनों परिवारों के बीच लंबे समय से जमीन को लेकर भी विवाद चल रहा है। इससे पहले भी जमीन विवाद में दोनों पक्षों के बीच खूनी झड़प हो चुकी है, जिसमें टंगिया से हमला किया गया था। उस वक्त पुलिस चौकी में दोनों का समझौता कराया गया था। लेकिन इस बार पानी के संकट ने पुरानी रंजिश को फिर से भड़का दिया। इस घटना के बाद से पूरे गांव में तनाव का माहौल बना हुआ है।

दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर लगाए गंभीर आरोप

पहले पक्ष का बयान:

पहले पक्ष के मोनू यादव ने आरोप लगाया कि उसके चाचा जब खेत में भैंस चराने गए थे, तभी दूसरे पक्ष के सियाराम, रितेश, नकूल और सहदेव ने उन्हें घेरकर जान से मारने की नीयत से टंगिया और डंडों से हमला कर दिया। बीच-बचाव करने पहुंचे मोनू के हाथ और कंधे पर भी गंभीर चोटें आई हैं। मोनू के मुताबिक, उनके पक्ष के 5 लोग घायल हैं।

दूसरे पक्ष का बयान

वहीं, दूसरे पक्ष की ओर से सियाराम की बेटी ने पलटवार करते हुए आरोप लगाया कि बिरबल, भगवती, हरखंड, शिवप्रसाद और चेतन उनके घर में जबरन घुस आए और मारपीट की। उसने बताया कि गांव में पानी की समस्या के कारण वे पंचायत से चाबी लेकर पानी भरने गए थे, लेकिन वहां ताला लगा दिया गया, जिसके बाद यह पूरा विवाद बढ़ा।फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और गांव में शांति व्यवस्था बनाए रखने के प्रयास किए जा रहे हैं।