अपराधियों की खैर नहीं! बालोद के नए एसपी किरण चव्हाण की दो टूक- ‘जिले में चलेगा जीरो टॉलरेंस का राज’
राज्य ब्यूरो मोहम्मद आसिफ खान संपादक वीरेंद्र कुमार
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अपराधियों की खैर नहीं! बालोद के नए एसपी किरण चव्हाण की दो टूक- ‘जिले में चलेगा जीरो टॉलरेंस का राज’
➔ वर्दी का रसूख दिखाकर कोई नहीं बचेगा; दोषी पाए जाने पर पुलिसकर्मियों के खिलाफ भी होगी आम नागरिक जैसी सख्त कार्रवाई
➔ FICCI अवार्ड से सम्मानित 2018 बैच के आईपीएस अधिकारी ने संभाला मोर्चा, कम्यूनिटी पुलिसिंग से नशा और अपराध को जड़ से उखाड़ने का संकल्प
बालोद। जिले की कमान संभालते ही नवपदस्थ पुलिस अधीक्षक (एसपी) किरण गंगाराम चव्हाण (IPS) ने अपनी प्राथमिकताओं और सख्त तेवरों से अपराधियों को कड़ा संदेश दे दिया है। पदभार ग्रहण करने के बाद पहली बार मीडिया से रूबरू होते हुए उन्होंने साफ कर दिया कि बालोद जिले में कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाई जाएगी। एसपी ने कड़े लहजे में कहा कि अपराधी चाहे कितना भी रसूखदार या प्रभावशाली क्यों न हो, उसे किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।

⚖️ ‘कानून से बड़ा कोई नहीं,
दागी पुलिसकर्मियों पर भी गिरेगी गाज’प्रेस वार्ता के दौरान एसपी चव्हाण ने निष्पक्षता की एक नई नजीर पेश की। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा, “कानून के दायरे में सब बराबर हैं। यदि पुलिस विभाग का कोई भी अधिकारी या कर्मचारी किसी गलत गतिविधि या भ्रष्टाचार में संलिप्त पाया गया, तो उसके खिलाफ भी आम नागरिक की तरह ही कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।” उन्होंने भरोसा दिलाया कि बालोद पुलिस की पूरी कार्यशैली निष्पक्ष, पारदर्शी और पूरी तरह जनता के प्रति जवाबदेह रहेगी।
🛠️ मैकेनिकल इंजीनियर से IPS और FICCI अवार्ड तक का सफर
मूल रूप से महाराष्ट्र के कोल्हापुर के रहने वाले 2018 बैच के आईपीएस अधिकारी किरण गंगाराम चव्हाण के पास चुनौतीपूर्ण इलाकों में काम करने का बेहतरीन अनुभव है। मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की परीक्षा क्रैक की। इससे पहले वे बिलासपुर, जगदलपुर और सुकमा जैसे संवेदनशील और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में अपनी शानदार सेवाएं दे चुके हैं।
मादक पदार्थों की तस्करी पर लगाम और उत्कृष्ट पुलिसिंग के लिए उन्हें साल 2024 में प्रतिष्ठित ‘FICCI बेस्ट परफॉर्मिंग ऑफिसर अवार्ड’ से भी नवाजा जा चुका है।एसपी चव्हाण ने अपने अनुभवों को साझा करते हुए कहा कि सुकमा और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में काम करते हुए उन्होंने सीखा है कि जनता का विश्वास जीतना और सीधे संवाद के जरिए समस्याओं को सुलझाना ही सबसे प्रभावी पुलिसिंग है।
🤝 सामुदायिक पुलिसिंग (Community Policing) पर रहेगा जोर
बालोद जिले को अपराध मुक्त और नशा मुक्त बनाने के लिए नए एसपी ने जनता की सहभागिता को सबसे जरूरी बताया है। उनकी कार्ययोजना के मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:त्वरित निराकरण: आम जनता की शिकायतों और समस्याओं का थानों में तुरंत निपटारा किया जाएगा।सीधा संवाद: पुलिस और आम नागरिकों के बीच की दूरी को मिटाकर सीधा संवाद स्थापित किया जाएगा।
जन-भागीदारी: नशा मुक्ति और अपराध नियंत्रण के अभियान में सामाजिक संगठनों, जनप्रतिनिधियों और जागरूक नागरिकों को सीधे जोड़ा जाएगा।सुरक्षा सर्वोपरि: महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा बालोद पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता होगी।
📰 ‘लोकतंत्र का मजबूत स्तंभ है मीडिया, सकारात्मक सहयोग की उम्मीद’प्रेस वार्ता के समापन पर एसपी किरण चव्हाण ने पत्रकारों की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि पत्रकार लोकतंत्र का चौथा और बेहद मजबूत स्तंभ हैं। उन्होंने मीडिया जगत से तथ्यात्मक, निष्पक्ष और जनहित से जुड़े मुद्दों को सामने लाने तथा जिले में शांति व कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सकारात्मक सहयोग देने की अपील की है।





