बलौदाबाजार हिंसा मामला: छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना के अमित बघेल समेत 3 नेताओं को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत, मिली जमानत
राज्य ब्यूरो मोहम्मद आसिफ खान संपादक वीरेंद्र कुमार
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बलौदाबाजार हिंसा मामला: छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना के अमित बघेल समेत 3 नेताओं को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत, मिली जमानत
नई दिल्ली/रायपुर: छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित और सियासी गलियारों को हिलाकर रख देने वाले बलौदाबाजार कलेक्टोरेट आगजनी और हिंसा मामले में आज देश की सर्वोच्च अदालत से बहुत बड़ी खबर आई है। सुप्रीम कोर्ट की डिवीजन बेंच ने छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना के संस्थापक व अध्यक्ष अमित बघेल, प्रदेश अध्यक्ष अजय यादव और संगठन मंत्री दिनेश वर्मा की जमानत याचिका को स्वीकार कर लिया है। शीर्ष अदालत ने इस मामले में राज्य सरकार की दलीलों को खारिज करते हुए छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट के पुराने आदेश को निरस्त कर दिया है।
सुप्रीम कोर्ट में तीखी बहस: “कब तक जेल में रखेंगे?
“सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष और राज्य सरकार के वकीलों के बीच तीखी बहस देखने को मिली। राज्य सरकार की ओर से दलील दी गई कि अमित बघेल और अन्य आरोपियों की हिरासत की अवधि अभी कम है, इसलिए इन्हें जमानत नहीं दी जानी चाहिए। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने इस दलील को सिरे से खारिज कर दिया।अदालत ने तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा कि सिर्फ कम हिरासत अवधि को जमानत खारिज करने का आधार नहीं बनाया जा सकता। कोर्ट ने राज्य सरकार से सवाल किया कि आखिर इन्हें कब तक जेल में बंद रखा जाएगा?कोर्ट की दो टूक:
‘किंगपिन’ होने का ठोस सबूत नहीं
शीर्ष अदालत ने मामले की समीक्षा करते हुए स्पष्ट किया कि आरोपियों के ‘किंगपिन’ (मुख्य साजिशकर्ता) होने का कोई ठोस और पुख्ता सबूत सामने नहीं आया है। कोर्ट ने इस बात पर भी असहमति जताई कि जब मामले में चार्जशीट दाखिल हो चुकी है, तो आरोपियों को लंबे समय तक जेल में रखने का कोई औचित्य नहीं है। इस टिप्पणी के साथ ही अदालत ने तीनों प्रमुख नेताओं की जमानत मंजूर कर ली।

क्या था बलौदाबाजार कलेक्टोरेट मामला?
छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार में एक सामाजिक विरोध प्रदर्शन के दौरान अचानक हिंसा भड़क उठी थी। इस दौरान उग्र भीड़ ने कलेक्टोरेट और एसपी कार्यालय परिसर में धावा बोल दिया था। उपद्रवियों ने परिसर में खड़े सैकड़ों वाहनों और सरकारी संपत्ति को आग के हवाले कर दिया था, जिससे पूरे राज्य की सियासत गरमा गई थी। पुलिस ने इस हिंसा और आगजनी की साजिश रचने के आरोप में छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना के अमित बघेल सहित कई पदाधिकारियों को गिरफ्तार किया था। हाई कोर्ट से जमानत याचिका खारिज होने के बाद नेताओं ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था, जहां से आज उन्हें बड़ी राहत मिली है





