उपभोक्ता आयोग का बड़ा फैसला: ड्राइविंग लाइसेंस न होने पर बीमा दावा खारिज करना ‘सेवा में कमी’, कंपनी पर ₹15.20 लाख का जुर्माना
राज्य ब्यूरो मोहम्मद आसिफ खान संपादक वीरेंद्र कुमार
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उपभोक्ता आयोग का बड़ा फैसला: ड्राइविंग लाइसेंस न होने पर बीमा दावा खारिज करना ‘सेवा में कमी’, कंपनी पर ₹15.20 लाख का जुर्माना
जगदलपुर।सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों के बाद बीमा कंपनियों द्वारा दावों को टालने वाले रवैये पर जगदलपुर जिला उपभोक्ता आयोग ने बेहद कड़ा रुख अपनाया है। आयोग ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि बीमा कंपनियां केवल तकनीकी आधारों का सहारा लेकर वैध दावों को खारिज नहीं कर सकतीं। यदि पॉलिसी धारक की सड़क हादसे में मृत्यु होती है, तो सिर्फ ड्राइविंग लाइसेंस (DL) न होने के कारण क्लेम देने से मना करना सेवा में कमी और व्यावसायिक कदाचरण (Professional Misconduct) है।
क्या है पूरा मामला?
यह मामला कोंडागांव के निवासी जीवन वैद्य से जुड़ा है। उन्होंने अपने ‘ट्रेक्स तूफान’ वाहन का बीमा नेशनल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड से कराया था। एक सड़क दुर्घटना में जीवन वैद्य की दुखद मृत्यु हो गई। मौत के बाद जब उनके वारिसों—रीता वैद्य, अमित राम वैद्य और कुमारी ज्योति वैद्य ने कंपनी के समक्ष बीमा दावा पेश किया, तो कंपनी ने उसे ठुकरा दिया।
बीमा कंपनी का तर्क था कि दुर्घटना के वक्त मृतक के पास वैध ड्राइविंग लाइसेंस नहीं था। सालों तक भटकने और दावे का निपटारा न होने पर पीड़ित परिवार ने न्याय के लिए जिला उपभोक्ता आयोग का दरवाजा खटखटाया।
उपभोक्ता आयोग की तल्ख टिप्पणी
मामले की सुनवाई जिला उपभोक्ता आयोग की अध्यक्ष सुजाता जसवाल, सदस्य आलोक कुमार दुबे और सीमा गोलछा की संयुक्त खंडपीठ ने की। पीठ ने बीमा कंपनी की सभी दलीलों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि कंपनियों को दावों के निपटारे के दौरान अत्यधिक तकनीकी होने के बजाय मानवीय और अनुबंधित आधार पर विचार करना चाहिए।
कंपनी को दिया भारी जुर्माने का आदेश
आयोग ने नेशनल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड की लापरवाही को गंभीर मानते हुए पीड़ित परिवार के हक में बड़ा फैसला सुनाया:₹15 लाख: मृतक के वारिसों को बीमा क्षति दावा राशि के रूप में देने का आदेश।₹20 हजार: मानसिक पीड़ा और प्रताड़ना के हर्जाने के रूप में भुगतान करने का निर्देश।इस फैसले से साफ है कि दुर्घटना के मामलों में बीमा कंपनियां अब नियमों की आड़ लेकर पीड़ित परिवारों को परेशान नहीं कर पाएंगी।





