कूरियर से नशा और हथियार भेजने वालों की अब खैर नहीं; दुर्ग पुलिस और ड्रग विभाग का बड़ा एक्शन, कूरियर संचालकों को कड़े निर्देश

 कूरियर से नशा और हथियार भेजने वालों की अब खैर नहीं; दुर्ग पुलिस और ड्रग विभाग का बड़ा एक्शन, कूरियर संचालकों को कड़े निर्देश

राज्य ब्यूरो मोहम्मद आसिफ खान संपादक वीरेंद्र कुमार

*******************************

 

 

कूरियर से नशा और हथियार भेजने वालों की अब खैर नहीं; दुर्ग पुलिस और ड्रग विभाग का बड़ा एक्शन, कूरियर संचालकों को कड़े निर्देश

दुर्ग। कूरियर और ई-कॉमर्स सेवाओं के जरिए होने वाली अवैध गतिविधियों, प्रतिबंधित नशीली दवाओं और घातक हथियारों की सप्लाई पर लगाम कसने के लिए दुर्ग पुलिस और खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग ने कमर कस ली है।

सोमवार को कंट्रोल रूम सेक्टर-06, दुर्ग में दोनों विभागों की एक महत्वपूर्ण संयुक्त बैठक आयोजित की गई। भिलाई नगर सीएसपी सत्यप्रकाश तिवारी की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में जिले की विभिन्न कूरियर कंपनियों के संचालकों और ई-कॉमर्स कंपनियों के प्रतिनिधियों को बुलाकर सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन करने के कड़े निर्देश दिए गए हैं।

बिना आधार कार्ड नहीं बुक होगा पार्सल, रखना होगा पूरा रिकॉर्ड

बैठक में कूरियर संचालकों को सख्त हिदायत दी गई है कि अब किसी भी पार्सल को बुक करते समय भेजने वाले (Sender) और पार्सल प्राप्त करने वाले (Receiver) दोनों की पूरी कुंडली रखनी होगी।

पार्सल बुकिंग के दौरान दोनों पक्षों का नाम, सटीक पता, मोबाइल नंबर और आधार कार्ड की कॉपी लेना अनिवार्य कर दिया गया है। अधिकारियों ने साफ किया कि किसी भी संदिग्ध मामले में आरोपी तक आसानी से पहुंचने के लिए यह कदम उठाया गया है।

सीसीटीवी कैमरे अनिवार्य, 1 महीने का बैकअप जरूरी

सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करने के लिए सीएसपी सत्यप्रकाश तिवारी ने सभी कूरियर केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही कूरियर संचालकों को कम से कम एक महीने का वीडियो फुटेज सुरक्षित रखना होगा।

पुलिस का मानना है कि किसी भी आपराधिक जांच के दौरान यह सीसीटीवी फुटेज सबसे बड़ा और मददगार सबूत साबित होगा।

शक होने पर तुरंत पुलिस और ड्रग विभाग को दें सूचना

अधिकारियों ने कूरियर प्रतिनिधियों को सचेत करते हुए कहा कि कूरियर सेवाओं के बढ़ते दायरे के साथ सुरक्षा और जवाबदेही भी बेहद जरूरी हो गई है। यदि किसी भी पार्सल की पैकेजिंग, वजन या भेजने वाले के व्यवहार पर जरा भी शक हो, या उसमें प्रतिबंधित दवाइयां और अवैध सामग्री होने की आशंका हो, तो उसकी डिलीवरी रोकने के साथ ही तुरंत नजदीकी थाना और खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग को सूचित करें। लापरवाही बरतने वाले केंद्रों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

बैठक में ये अधिकारी रहे मौजूद

इस हाई-लेवल मीटिंग में नगर पुलिस अधीक्षक (भिलाई नगर) सत्य प्रकाश तिवारी, खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग के सहायक संचालक संजय सिंह, औषधि निरीक्षक विष्णु प्रसाद साहू, गायत्री पटेल, जागेश्वरी साहू समेत भिलाई-दुर्ग क्षेत्र के सभी प्रमुख कूरियर और ऑनलाइन डिलीवरी कंपनियों के प्रतिनिधि मुख्य रूप से उपस्थित रहे।