महासमुंद में समाधान शिविर पर पार्षद विजय साव का तीखा प्रहार::
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महासमुंद में समाधान शिविर पर पार्षद विजय साव का तीखा प्रहार::
महासमुंद।शहर के 30 वार्डों में आज से 5 जून तक जिले में समाधान शिविर की शुरुआत हो रही है प्रशासन इसे उत्सव के रूप में मना रहा है लेकिन नगर पालिका महासमुंद के वार्ड नंबर 28 के पार्षद विजय साव ने सरकार और व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए इस ‘सुशासन’ की परिभाषा को कठघरे में खड़ा किया है।
पार्षद विजय साव ने क्षेत्र और प्रदेश की बदहाल कानून-व्यवस्था, भ्रष्टाचार और किसान विरोधी नीतियों को उजागर करते हुए पूछा है कि आखिर ऐसी परिस्थितियों में इसे ‘सुशासन’ कैसे कहा जाए?
पार्षद विजय साव ने जनता की आवाज उठाते हुए निम्नलिखित 11 गंभीर मुद्दे उठाए हैं:
मासूमों पर अत्याचार: प्रदेश में आए दिन मासूम बच्चियों के साथ दुष्कर्म की घटनाएं हो रही हैं।
सरेआम हत्याएं: कानून का खौफ खत्म हो चुका है, रोज खुलेआम हत्या की वारदातें हो रही हैं।
अधिकारियों पर हमला: जब एक विधायक ही कार्यालय में घुसकर नायब तहसीलदार को पीट दे, तो आम जनता की सुरक्षा कौन करेगा?
पर्यावरण का विनाश: एक सेठ के फायदे के लिए लाखों पेड़ों की अंधाधुंध कटाई कर दी गई।
वन्यजीवों पर संकट: वन्यजीवों को उनके प्राकृतिक आवास (जंगल) से खदेड़ने की तैयारी चल रही है।
अफीम की खेती: धान का कटोरा कहे जाने वाले छत्तीसगढ़ में अब चावल-गेहूं की जगह अफीम की खेती पैर पसार रही है।किसानों की बेबसी: अन्नदाता एक बोरा खाद के लिए यहां-वहां दर-दर भटकने को मजबूर है।
दोगली नीतियां: एक तरफ महतारी वंदन योजना के नाम पर महिलाओं को 1000 रुपये दिए जा रहे हैं, तो दूसरी तरफ प्रदेश में 100 से ज्यादा नई शराब दुकानें खोलने का आदेश जारी हो रहा है।
अवैध शराब की बिक्री: खुद सरकार के मंत्री और सांसद चीख-चीखकर कह रहे हैं कि प्रदेश में खुलेआम अवैध शराब बिक रही है।
भ्रष्टाचार की पराकाष्ठा: पिता की मृत्यु के बाद बेटे को जायज ‘फौती’ (उत्तराधिकार) चढ़वाने के लिए भी दफ्तरों में घूस देनी पड़ रही है।
पानी के संकट पर मर्डर: बुनियादी जरूरत के लिए पानी मांगने पर इंसान की हत्या कर दी जा रही है।
पार्षद विजय साव ने साफ शब्दों में कहा कि जब तक जनता इन बुनियादी समस्याओं, भ्रष्टाचार और असुरक्षा से जूझ रही है, तब तक ‘सुशासन त्यौहार’ मनाना केवल एक दिखावा है। असली सुशासन तब आएगा जब हर नागरिक सुरक्षित होगा, किसानों को उनका हक मिलेगा और दफ्तरों से भ्रष्टाचार खत्म होगा।





