दुर्ग रेलवे स्टेशन पर फर्जी टिकट गिरोह का भंडाफोड़; मोबाइल ऐप की इमेज से नकली MST बनाकर बेच रहे थे कॉलेज छात्र

 दुर्ग रेलवे स्टेशन पर फर्जी टिकट गिरोह का भंडाफोड़; मोबाइल ऐप की इमेज से नकली MST बनाकर बेच रहे थे कॉलेज छात्र

राज्य ब्यूरो मोहम्मद आसिफ खान संपादक वीरेंद्र कुमार

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दुर्ग रेलवे स्टेशन पर फर्जी टिकट गिरोह का भंडाफोड़; मोबाइल ऐप की इमेज से नकली MST बनाकर बेच रहे थे कॉलेज छात्र

दुर्ग: भीषण गर्मी और ट्रेनों में बढ़ती भीड़ का फायदा उठाकर यात्रियों को चूना लगाने वाले एक शातिर गिरोह का दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (रायपुर रेल मंडल) ने पर्दाफाश किया है। दुर्ग स्टेशन पर चलाए गए विशेष ‘किलाबंदी’ (Fortress) चेकिंग अभियान के दौरान फर्जी मंथली सीजन टिकट (MST) बनाकर बेचने वाले चार कॉलेज छात्रों को गिरफ्तार किया गया है।

ऐसे हुआ फर्जीवाड़े का खुलासा

रायपुर मंडल के वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक अवधेश कुमार त्रिवेदी के निर्देश पर दुर्ग स्टेशन पर सघन टिकट जांच अभियान चलाया जा रहा था। इसी दौरान वरिष्ठ टिकट परीक्षक श्रीमती प्रिया ने एक यात्री के MST की जांच की, जो उन्हें संदिग्ध लगा। बारिकी से जांच करने पर पता चला कि वह टिकट पूरी तरह से नकली था। यात्री से पूछताछ के बाद इस संगठित नेटवर्क की कड़ियां खुलती गईं।

UTS ऐप की इमेज का कर रहे थे इस्तेमाल

पकड़े गए आरोपियों ने पूछताछ में चौंकाने वाला खुलासा किया। वे ‘UTS ऑन मोबाइल’ ऐप के माध्यम से एक असली टिकट बुक करते थे और फिर उसकी इमेज (स्क्रीनशॉट) का उपयोग कर हुबहू दिखने वाले डुप्लीकेट टिकट तैयार कर लेते थे। गर्मी के कारण रायपुर–डोंगरगढ़ लोकल (68705) जैसी ट्रेनों में भारी भीड़ रहती है, जिसका फायदा उठाकर ये छात्र कम कीमत पर यात्रियों को ये फर्जी टिकट बेच रहे थे।

गिरफ्तार आरोपियों में कॉलेज छात्र शामिल

इस जालसाजी का मास्टरमाइंड 20 वर्षीय छात्र कुलदीप बिश्नोई निकला, जो शंकराचार्य कॉलेज का छात्र है। जांच टीम ने कुलदीप के साथ उसके तीन अन्य साथियों को भी दबोचा है:

कुलदीप बिश्नोई (20 वर्ष) – मुख्य आरोपी

यू. ओंकार (20 वर्ष)

अखिलेश साहू (19 वर्ष)

राहुल साहू (20 वर्ष)

मुख्य आरोपी ने स्वीकार किया कि उसने फर्जी टिकट तैयार कर अपने दोस्तों को दिए, जो आगे यात्रियों को इसे बेचते थे। इस मामले में ‘हर्ष’ नाम का एक अन्य छात्र फिलहाल फरार है, जिसकी तलाश की जा रही है।

RPF को सौंपे गए आरोपी

रेलवे अधिकारियों ने पकड़े गए चारों छात्रों को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए आरपीएफ (RPF) दुर्ग के सुपुर्द कर दिया है। रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे अधिकृत काउंटर या ऐप से ही टिकट खरीदें और किसी भी बिचौलिए के झांसे में न आएं।