रायपुर केंद्रीय जेल में गोलीकांड की असली वजह… साहिल ने मारा था चाकू, बदला लेने हिस्ट्रीशीटर पर चलवाई गोली

राज्य ब्यूरो मोहम्मद आसिफ खान संपादक बीरेंद्र कुमार चौधरी

जेल में तीन महीने पहले साहिल पर हुई थी चाकूबाजी की वारदात।

भाई से मिलने आया था शेख साहिल गोली लगने से हुआ घायल।

मौदहापारा के बदमाशों ने जानलेवा हमला करने की बनाई थी योजना।

 

रायपुर। दिन सोमवार…दोपहर के लगभग 12 बज रहे थे। सेंट्रल जेल में मुलाकात करने वालों का आना-जाना लगा था। दीवाली के छुट्टी की वजह से सुबह के समय कुछ ज्यादा भीड़ थी। इस बीच अचानक से पटाखा फुटने जैसी आवाज आई। कुछ ही सेकंड में गोली चलने की बात पर भगदड़ की स्थिति बन गई। गोली कांड में जेल में भाई से परिवार के साथ मुलाकात करने गए शेख साहिल घायल हो गया। उसके परिजन तत्काल सामने रोड पार कर अस्पताल लेकर गए। इसकी वजह सेंट्रल जेल में लगभग तीन माह पूर्व हुई चाकूबाजी की घटना है।

 

आहत साहिल ने भी पुलिस को बताया है कि जेल में चाकूबाजी की घटना के चलते उस पर जानलेवा हमला किया गया है। शेख साहिल ने साहिल नामक युवक पर हमला किया था। उसी का बदला लेने गोली चलवाई गई। गंज थाना पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। वहीं फारेंसिक की टीम भी घटना स्थल पर पहुंच कर सबूत जुटाए हैं।

 

 

जानकारी के अनुसार हत्या के प्रयास के मामले टिकरापारा थाना पुलिस ने शेख साहिल को जेल भेजा था। इस दौरान मौदहापारा का बदमाश साहिल भी जेल में बंद था। दोनों के बीच पुरानी बातों पर विवाद हुआ तो शेख ने चाकू से हमला कर दिया था। इस घटना के बाद मौदहापारा के बदमाश के साथी नाराज थे।

 

साहिल को मारने का प्लान बनाया। जेल से छूटने के बाद बदमाशा शेख साहिल पर नजर रख रहे थे। जब पता चला साहिल अपने भाई से जेल में मुलाकात करने जा रहा है। बदमाश हथियार से लेस होकर सेंट्रल जेल के बाहर पहुंच गए। इसके बाद मौका मिलते ही बदमाशों ने साहिल के ऊपर दो राउंड फायरिंग कर मौके से फरार हो गए।

 

चेहरा बांध रखा था, गाड़ी दूसरी तरफ

बदमाशों ने चेहरा बांध कर रखा था। वहीं बाइक भी सेंट्रल जेल के उस पार खड़ी की थी। फायरिंग करने के बाद बदमाश डिवाइडर फांदकर सड़क के दूसरी तरफ कूदे और सड़क की दूसरी तरफ रखे गाड़ी से फरार हो गए।

 

साथ में आए भाई को भी लगा छर्रा

फायरिंग में साहिल के साथ आए उसके भाई के कंधे में कुछ छर्रा लगा है। वहीं वहां मौजूद अन्य लोग बाल-बला बच गए। जानकारों के अनुसार 12 बोर के कट्टा से फायरिंग करने पर कारतूस का छर्रा तेजी से निकल कर फैलता है। नजदीक से फायरिंग होने की वजह से कारतूस से निकला छर्रा साहिल के चेहरा, छाती और गले में लगी। इस वजह से साहिल को ज्यादा चोटें नहीं आई।

 

अस्पताल के बाहर गहमा-गहमी

साहिल के पड़ोस में रहने वाले और उसके परिचितों की अस्पताल परिसर के बाहर भीड़ लग गई। उनमें से कई साहिल से मिलने अस्पताल के अंदर जाने की कोशिश करने लगे, जिसे मौके पर उपस्थित सुरक्षा गार्ड अंदर जाने से रोकते नजर आए। क्राइम और थाने की टीम भी जांच में जुट गई है।