बिलासपुर में 19 साल से अवैध रूप से रह रहा बांग्लादेशी गिरफ्तार: एसटीएफ और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई, फर्जी पासपोर्ट व दस्तावेज जब्त
राज्य ब्यूरो मोहम्मद आसिफ खान संपादक वीरेंद्र कुमार
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बिलासपुर में 19 साल से अवैध रूप से रह रहा बांग्लादेशी गिरफ्तार: एसटीएफ और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई, फर्जी पासपोर्ट व दस्तावेज जब्त
बिलासपुर। शहर में पिछले 19 वर्षों से पहचान छिपाकर रह रहे एक बांग्लादेशी नागरिक को स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) और जिला विशेष शाखा की संयुक्त टीम ने गिरफ्तार किया है। पकड़ा गया आरोपी अतीक हुसैन (42) बांग्लादेश के नारायणगंज जिले का मूल निवासी है, जो सरकंडा क्षेत्र की सूर्या विहार कॉलोनी में किराए का मकान लेकर रह रहा था।
पुलिस ने आरोपी के पास से भारतीय पासपोर्ट, पैन कार्ड, वोटर आईडी, ड्राइविंग लाइसेंस, निवास व जाति प्रमाण पत्र के साथ-साथ फर्जी अंकसूची भी बरामद की है। फिलहाल आरोपी को रायपुर स्थित होल्डिंग सेंटर भेजकर बांग्लादेश डिपोर्टेशन (वापसी) की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
2005 में की थी अवैध घुसपैठ, लिफ्ट मेंटेनेंस का कर रहा था काम
पूछताछ में आरोपी अतीक ने स्वीकार किया कि उसने वर्ष 2005 में बांग्लादेश से भारत में अवैध रूप से प्रवेश किया था। 2005 से 2007 तक तमिलनाडु में रहने के बाद वह बिलासपुर आ गया। यहाँ वह एनटीपीसी सीपत में बीईसीओ लिफ्ट्स प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के तहत लिफ्ट मेंटेनेंस का काम कर रहा था।
पंचायत प्रतिनिधियों और फर्जी मार्कशीट के जरिए बनाए दस्तावेज
बिलासपुर एसएसपी रजनेश सिंह ने बताया कि आरोपी ने बिलासपुर पहुँचकर लिंगियाडीह ग्राम पंचायत के तत्कालीन पंच और सरपंच की मदद से सबसे पहले फर्जी निवास और जाति प्रमाण पत्र बनवाया। इसके बाद मंगला स्थित एक निजी स्कूल के नाम का सहारा लेकर नौवीं कक्षा की फर्जी अंकसूची तैयार करवाई। इन्हीं जाली कागजातों के आधार पर उसने भारतीय पासपोर्ट, पैन कार्ड और वोटर आईडी जैसे महत्वपूर्ण दस्तावेज हासिल कर लिए।
20 दिन पहले पुलिस को चकमा देकर हुआ था फरार
करीब 20 दिन पहले सिरगिट्टी क्षेत्र में संदिग्धों की जांच के दौरान पुलिस ने अतीक को पकड़ा था। पूछताछ और सत्यापन की प्रक्रिया के दौरान वह पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया था।
इसके बाद एसटीएफ निरीक्षक संजय शिंदे को सूचना मिली कि आरोपी सरकंडा की सूर्या विहार कॉलोनी में छिपा हुआ है। टीम ने इलाके की रेकी की और 24 सितंबर की तड़के 5 बजे दबिश देकर आरोपी को धर दबोचा।
नेटवर्क की जांच में जुटी पुलिस
पुलिस अब इस बात की गहनता से जांच कर रही है कि फर्जी दस्तावेज बनाने में उसकी मदद करने वाले गिरोह ने और कितने अवैध प्रवासियों को इस तरह के कागजात उपलब्ध कराए हैं। संबंधित विभागों से भी इन दस्तावेजों की वैधता की औपचारिक जांच कराई जा रही है।
पुलिस की अपील: संदिग्धों की सूचना टोल फ्री नंबर पर दें
एसएसपी बिलासपुर ने नागरिकों से अपील की है कि यदि किसी व्यक्ति की पहचान, निवास या दस्तावेजों पर संदेह हो, तो स्वयं कार्रवाई करने के बजाय पुलिस के टोल फ्री नंबर पर सूचना दें। अवैध घुसपैठियों और संदिग्धों के खिलाफ यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।





