रायपुर के युवक की गाड़ी गैरेज में, टोल और चालान Odisha के! दुर्ग में पकड़ा गया फर्जी नंबर प्लेट का ‘जुड़वां कार’ खेल

राज्य ब्यूरो मोहम्मद आसिफ खान संपादक वीरेंद्र कुमार

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रायपुर के युवक की गाड़ी गैरेज में, टोल और चालान Odisha के! दुर्ग में पकड़ा गया फर्जी नंबर प्लेट का ‘जुड़वां कार’ खेल

दुर्ग: क्या आपकी कार घर के गैरेज में खड़ी है और फोन पर टोल टैक्स कटने और चालान भरने के धड़ाधड़ मैसेज आ रहे हैं? दुर्ग जिले के मोहन नगर थाना क्षेत्र में एक ऐसा ही हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जिसने पुलिस प्रशासन के भी होश उड़ा दिए हैं। रायपुर के एक युवक के साथ बीते एक साल से यह ‘अदृश्य कार’ का खेल चल रहा था, जिसका भंडाफोड़ करते हुए पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।

बिना गाड़ी चलाए कट गए 10 हजार रुपए

रायपुर निवासी 26 वर्षीय मोनिश सोनी की टोयोटा यारिस कार (CG 07 BZ 5226) दुर्ग RTO में रजिस्टर्ड है। पिछले एक साल से मोनिश के मोबाइल पर लगातार चालान और टोल कटने के मैसेज आ रहे थे। हैरानी की बात यह थी कि मोनिश की कार कभी ओडिशा या अन्य अनजान जगहों पर गई ही नहीं, फिर भी उनके खाते से लगभग 2,000 रुपए का चालान और 7 से 8 हजार रुपए टोल टैक्स कट चुका था।

जांच में मिली असली-नकली ‘जुड़वां यारिस’

लगातार आ रहे फर्जी मैसेज से परेशान होकर मोनिश ने 24 अगस्त को मोहन नगर थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने जब पड़ताल शुरू की, तो हरी नगर स्थित रजत डोम के पास एक संदिग्ध टोयोटा यारिस खड़ी मिली। उस कार पर भी हूबहू वही नंबर CG 07 BZ 5226 दर्ज था।

पुलिस की पूछताछ में सामने आया कि यह कार हरी नगर (दुर्ग) निवासी 28 वर्षीय विजय सेन की है। विजय सेन अपनी टोयोटा यारिस पर मोनिश की कार का फर्जी पंजीयन नंबर लगाकर सड़कों पर बेधड़क घूम रहा था। आरोपी की इस कारगुजारी के कारण असली कार मालिक को बिना किसी गलती के आर्थिक और मानसिक प्रताड़ना झेलनी पड़ रही थी।

3 लाख की कार जब्त, BNS की 4 धाराओं में केस दर्ज

मोहन नगर पुलिस ने करीब 3 लाख रुपए कीमत की फर्जी नंबर प्लेट वाली टोयोटा यारिस को जब्त कर आरोपी विजय सेन को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी वाहन से जुड़े वैध दस्तावेज भी पेश नहीं कर सका। पुलिस ने मोनिश की शिकायत पर अपराध क्रमांक 600/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 336(3), 340(2), 345(3) और 347(1) में मामला दर्ज कर आरोपी को अदालत में पेश किया है।

क्या किसी बड़ी वारदात में इस्तेमाल हुई कार?

पुलिस अब इस बात की गहराई से तफ़्तीश कर रही है कि आरोपी केवल टोल और चालान से बचने के लिए फर्जी नंबर प्लेट का इस्तेमाल कर रहा था या इसके पीछे किसी बड़ी आपराधिक साजिश या वारदात को अंजाम देने की मंशा थी।

वाहन मालिकों के लिए सबक:

यह मामला हर वाहन मालिक के लिए एक बड़ी चेतावनी है। अगर आपको भी कभी अपने वाहन के नाम पर किसी ऐसी जगह से चालान या टोल टैक्स कटने का मैसेज मिले जहां आप गए ही न हों, तो इसे तकनीकी गड़बड़ी मानकर नजरअंदाज न करें। तुरंत RTO, ट्रैफिक पुलिस या नजदीकी थाने में शिकायत दर्ज कराएं।