महा-तूफान ‘अर्नब’ का तांडव: छत्तीसगढ़ के 4 जिलों में RED ALERT, 90 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं!
राज्य ब्यूरो मोहम्मद आसिफ खान संपादक वीरेंद्र कुमार
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महा-तूफान ‘अर्नब’ का तांडव: छत्तीसगढ़ के 4 जिलों में RED ALERT, 90 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं!
बंगाल की खाड़ी से उठा ‘अर्नब’, दक्षिण छत्तीसगढ़ में तबाही का खतरा
रायपुर: बंगाल की खाड़ी में उठे भीषण चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ का असर अब छत्तीसगढ़ में साफ नजर आने लगा है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रदेश में हाई अलर्ट घोषित कर दिया है।
विशेषकर दक्षिण छत्तीसगढ़ और बस्तर संभाग में 60 से 90 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी चलने और मूसलाधार बारिश का अनुमान है। कई इलाकों में 200 मिलीमीटर तक अति-भारी बारिश (24 घंटे में) की चेतावनी दी गई है।
4 प्रमुख जिलों में RED ALERT, स्कूल बंद व छुट्टियां रद्द
मौसम विभाग और राज्य आपदा प्रबंधन ने मुख्य रूप से दक्षिण बस्तर के 4 जिलों (दंतेवाड़ा, सुकमा, बीजापुर और बस्तर) में RED ALERT जारी किया है। इसके अलावा बिलासपुर संभाग और मध्य छत्तीसगढ़ के कई जिलों में ऑरेंज व येलो अलर्ट लागू है।
दंतेवाड़ा में स्कूल व आंगनबाड़ी बंद: बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने दंतेवाड़ा में स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में छुट्टी की घोषणा कर दी है।
अधिकारियों-कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द: बालोद समेत कई संवेदनशील जिलों में 30 अक्टूबर तक सभी सरकारी कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं और बिना अनुमति मुख्यालय छोड़ने पर रोक लगा दी गई है।
24×7 कंट्रोल रूम सक्रिय: आपातकालीन स्थितियों से निपटने के लिए जिला स्तर पर राउंड-द-क्लॉक कंट्रोल रूम (जैसे बालोद का हेल्पलाइन 07749223950) और Dial 112 की गाड़ियां तैनात कर दी गई हैं।
मुख्य प्रभावित क्षेत्र और चेतावनी चार्टअलर्ट स्तरप्रभावित संभावित जिले / संभागसंभावित प्रभाव व हवा की गति
RED ALERTदंतेवाड़ा, सुकमा, बीजापुर, बस्तर80-90 किमी/घंटा हवा, मूसलाधार बारिश (200 mm तक)
ORANGE ALERTरायपुर, दुर्ग, राजनांदगांव, बालोद, गरियाबंद आदि50-60 किमी/घंटा हवा, भारी बारिश व बिजली गिरना
YELLOW ALERTबिलासपुर संभाग, सरगुजा, जांजगीर-चांपा आदिमध्यम से तेज बारिश, गरज-चमककिसानों और आम नागरिकों के लिए एडवाइजरी
कृषि मौसम वैज्ञानिकों की सलाह:
धान व अन्य खरीफ फसलों की कटाई फिलहाल रोक दें।
कटी हुई फसल को तुरंत सुरक्षित स्थानों पर रखें या तिरपाल से ढंक दें।
खेतों में पानी निकासी (Drainage) का सही प्रबंध करें।
नागरिकों के लिए चेतावनी:
कच्चे घरों, जर्जर इमारतों, भारी पेड़ों और बिजली के खंभों के पास न खड़े हों।
उफान पर चल रहे नदी-नालों और रपटों को पार करने की कोशिश न करें।
अनावश्यक रूप से घर से बाहर निकलने से बचें।





