ग्लोबल मार्केट में आधा हुआ कच्चा तेल, पड़ोसी देशों में घटे दाम; फिर भारत में क्यों महंगी है ‘लाइफलाइन’? भाजपा सरकार की मनमानी पर बिफरे किसान कांग्रेस नेता राजेश मुकर्जी
राज्य ब्यूरो मोहम्मद आसिफ खान संपादक वीरेंद्र कुमार
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ग्लोबल मार्केट में आधा हुआ कच्चा तेल, पड़ोसी देशों में घटे दाम; फिर भारत में क्यों महंगी है ‘लाइफलाइन’? भाजपा सरकार की मनमानी पर बिफरे किसान कांग्रेस नेता राजेश मुकर्जी
रायपुर/:ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में आई भारी गिरावट के बावजूद भारत में पेट्रोल-डीजल के दाम न घटने पर अब सियासत गरमा गई है। छत्तीसगढ़ किसान कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष राजेश मुकर्जी (गुड्डु भैया) ने इस मुद्दे पर केंद्र की भाजपा सरकार को आड़े हाथों लिया है। उन्होंने इसे सीधे तौर पर आम जनता और किसानों के साथ धोखा और सरकार की मनमानी करार दिया है।
पड़ोसी देशों में राहत, भारत में आफत
किसान कांग्रेस नेता राजेश मुकर्जी ने आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि आज हमारे पड़ोसी देश गंभीर आर्थिक चुनौतियों के बावजूद अपने नागरिकों को राहत दे रहे हैं।पाकिस्तान, श्रीलंका और नेपाल जैसे देशों ने अपने यहाँ तेल के दाम घटा दिए हैं।भारत में अंतरराष्ट्रीय बाजार का फायदा जनता को देने के बजाय रोक कर रखा गया है।
यह नीति पूरी तरह से जनविरोधी और पूँजीपति-परस्त है।$120 से $70 पर आया क्रूड ऑयल, पर जनता की जेब खाली
राजेश मुकर्जी (गुड्डु भैया) ने कच्चे तेल की कीमतों का गणित समझाते हुए सरकार की नीयत पर सवाल उठाए:भारी गिरावट: वैश्विक बाजार में कच्चा तेल 120 डॉलर प्रति बैरल से घटकर अब लगभग 70 डॉलर प्रति बैरल तक आ चुका है।
मुनाफाखोरी: इस हिसाब से देश में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में ₹15 से ₹20 तक की कटौती होनी चाहिए थी।असर: सरकार इस भारी गिरावट का पूरा मुनाफा खुद डकार रही है और इसका बोझ सीधे किसानों की खेती और आम आदमी की रसोई पर पड़ रहा है।।।।
किसान और आम आदमी पर दोहरी मार
गुड्डु भैया ने कहा कि डीजल के दाम न घटने से खेती की लागत लगातार बढ़ रही है। ट्रैक्टर जुताई, सिंचाई और फसलों को मंडी तक पहुँचाने का भाड़ा महंगा हो चुका है। जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतें बढ़ती हैं, तो सरकार तुरंत दाम बढ़ा देती है। लेकिन जब कीमतें आधी हो जाती हैं, तो फायदा जनता तक क्यों नहीं पहुँचाया जाता? यह भाजपा सरकार की तानाशाही और मनमानी का जीता-जागता सबूत है। किसान कांग्रेस इस लूट के खिलाफ चुप नहीं बैठेगी।





