छत्तीसगढ़ में बिजली की बढ़ती कीमतों पर घमासान: “भाजपा सरकार लगातार डाल रही जनता की जेब पर डाका” – कांग्रेस का तीखा हमला।

 छत्तीसगढ़ में बिजली की बढ़ती कीमतों पर घमासान: “भाजपा सरकार लगातार डाल रही जनता की जेब पर डाका” – कांग्रेस का तीखा हमला।

राज्य ब्यूरो मोहम्मद आसिफ खान संपादक वीरेंद्र कुमार

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छत्तीसगढ़ में बिजली की बढ़ती कीमतों पर घमासान: “भाजपा सरकार लगातार डाल रही जनता की जेब पर डाका” – कांग्रेस का तीखा हमला।

 

रायपुर। छत्तीसगढ़ में बिजली दरों में एक बार फिर हुई बढ़ोतरी को लेकर राजनीतिक पारा गर्म हो गया है। छत्तीसगढ़ किसान कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष राजेश मुकर्जी ने भाजपा सरकार पर कड़ा प्रहार करते हुए इसे जनता, किसानों और छोटे व्यापारियों पर आर्थिक बोझ डालने वाला कदम बताया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सूबे में सत्ता परिवर्तन के बाद भाजपा सरकार अब तक पांचवीं बार बिजली दरों में इजाफा कर चुकी है, जिससे आम आदमी का बजट पूरी तरह चरमरा गया है।

बिजली दरों में भारी बढ़ोतरी,किसान भी अछूते नहीं

कांग्रेसी नेता ने सरकार द्वारा बढ़ाए गए बिजली के दामों का ब्यौरा देते हुए कहा कि इस बार हर वर्ग को महंगाई का करंट लगा है:घरेलू उपभोक्ता: प्रति यूनिट दरों में 30 से 50 पैसे की वृद्धि की गई है।गैर-घरेलू उपभोक्ता (छोटे व्यापारी): प्रति यूनिट दरों में 20 से 40 पैसे तक की बढ़ोतरी हुई है।किसान वर्ग: कृषि पंपों की बिजली दरों में भी 40 पैसे प्रति यूनिट की भारी वृद्धि की गई है, जिससे अन्नदाता पर दोहरी मार पड़ी है।राजेश मुकर्जी ने याद दिलाया कि इस बढ़ोतरी से पहले ही सरकार ने 12 प्रतिशत विद्युत ईंधन अधिभार (एफपीपीए) लागू कर जनता की कमर तोड़ दी थी। इसके बावजूद लगातार दरों को बढ़ाया जाना सरकार की जनविरोधी नीतियों को दर्शाता है।

कांग्रेस शासनकाल से तुलना: “तब 2 पैसे बढ़े, अब जेबें काटी जा रही हैं”भाजपा सरकार को घेरते हुए किसान कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष ने पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के कार्यकाल की याद दिलाई। उन्होंने कहा, “कांग्रेस के पांच वर्षों के शासनकाल के दौरान बिजली दरों में केवल 2 पैसे की आंशिक वृद्धि हुई थी। इसके विपरीत, ‘बिजली बिल हाफ योजना’ के तहत 400 यूनिट तक की छूट देकर जनता को बहुत बड़ी राहत दी जा रही थी। लेकिन आज भाजपा राज में उपभोक्ताओं को लूटा जा रहा है।”

जून में 45 लाख उपभोक्ताओं को मिले “झटकेदार” बिल, स्मार्ट मीटरों पर भी सवाल

कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि प्रदेश के बिजली उपभोक्ता पिछले कुछ महीनों से तीन से चार गुना अधिक बिल मिलने से त्रस्त हैं। जून के महीने में ही 45 लाख से अधिक उपभोक्ताओं के बिजली बिल सामान्य से कई गुना अधिक आए हैं, जिससे प्रदेश की जनता में भारी आक्रोश व्याप्त है।

मुकर्जी ने बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल उठाए

:बिना सहमति लोड बढ़ाना: बिजली विभाग उपभोक्ताओं की जानकारी और सहमति के बिना ही उनके कनेक्शन का अनुबंध भार (लोड) मनमाने ढंग से बढ़ा रहा है।

स्मार्ट मीटरों की गड़बड़ी: जमीनी स्तर पर लगातार शिकायतें आ रही हैं कि स्मार्ट मीटर वास्तविक खपत से कहीं अधिक की गलत रीडिंग दर्ज कर रहे हैं।

अतिरिक्त शुल्क और अर्थदंड: अधिक खपत का झूठा हवाला देकर आम जनता पर नाजायज अतिरिक्त शुल्क और अर्थदंड (पेनल्टी) थपा जा रहा है।

कांग्रेस की प्रमुख मांगें

छत्तीसगढ़ किसान कांग्रेस ने जनता के हितों की रक्षा के लिए सरकार के सामने निम्नलिखित मांगें रखी हैं और चेतावनी दी है कि यदि इन्हें पूरा नहीं किया गया तो तीव्र आंदोलन किया जाएगा:बढ़ाई गई बिजली दरों को तत्काल प्रभाव से वापस लिया जाए।जून महीने और पिछले कुछ महीनों के अत्यधिक आए बिजली बिलों की निष्पक्ष जांच कराई जाए।आम जनता, गरीब परिवारों और किसानों को आर्थिक राहत देने के लिए तत्काल प्रभावी और कल्याणकारी कदम उठाए जाएं।