छत्तीसगढ़ पुलिस हुई सुपर-हाईटेक! सभी 33 जिलों में दौड़ेगी नई ‘डायल 112’, जानें आपके जिले को कितनी गाड़ियां मिलीं!
राज्य ब्यूरो मोहम्मद आसिफ खान संपादक वीरेंद्र कुमार
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छत्तीसगढ़ पुलिस हुई सुपर-हाईटेक! सभी 33 जिलों में दौड़ेगी नई ‘डायल 112’, जानें आपके जिले को कितनी गाड़ियां मिलीं!
रायपुर/: छत्तीसगढ़ की सुरक्षा व्यवस्था और आपातकालीन सेवाओं को अब ‘नेक्स्ट जेन’ (Next Gen) रफ्तार मिल चुकी है। राज्य शासन की महत्वाकांक्षी ‘डायल-112 फेज-2’ परियोजना के तहत प्रदेश के सभी 33 जिलों में 400 से अधिक नए अत्याधुनिक आपातकालीन वाहन (ERV) और 33 मोबाइल फॉरेंसिक साइंस वैन तैनात कर दी गई हैं। “एक्के नंबर, सब्बो बर” (एक नंबर सबके लिए) की थीम पर शुरू हुई इस सेवा से अब पुलिस, एम्बुलेंस और फायर ब्रिगेड की मदद महज 10 से 15 मिनट के भीतर आपके दरवाजे पर होगी!
📊 प्रमुख जिलों को मिली गाड़ियों का लेखा-जोखा
रायपुर से रवाना होने के बाद सभी गाड़ियां अपने-अपने निर्धारित जिलों में पहुंच चुकी हैं। जिलों के आकार और संवेदनशीलता के आधार पर गाड़ियों का आवंटन किया गया है:
रायपुर जिला: राजधानी की सुरक्षा को चाक-चौबंद करने के लिए सबसे अधिक 54 नई इमरजेंसी गाड़ियां बेड़े में शामिल की गई हैं।
दुर्ग जिला: दुर्ग पुलिस को कुल 39 गाड़ियां मिली हैं, जिनमें 35 अत्याधुनिक इमरजेंसी रिस्पॉन्स व्हीकल (ERV) और 4 हाईवे पेट्रोलिंग गाड़ियां शामिल हैं।
कोरबा जिला: इस औद्योगिक जिले की सुरक्षा के लिए 22 नए अत्याधुनिक वाहन सौंपे गए हैं।बस्तर संभाग
(दंतेवाड़ा आदि): दक्षिण बस्तर दंतेवाड़ा समेत सुदूर इलाकों के थानों को भी विशेष गाड़ियां और 1-1 मोबाइल फॉरेंसिक वैन दी गई हैं ताकि ग्रामीण व दुर्गम क्षेत्रों में तुरंत रिस्पॉन्स मिले।बाकी जिले: प्रदेश के सभी बचे हुए जिलों को उनकी आवश्यकता अनुसार 10 से 15 गाड़ियां और हर जिले को 1 सर्वसुविधायुक्त मोबाइल फॉरेंसिक लैब वैन आवंटित की गई है।
🛠️ कोई साधारण गाड़ी नहीं, ‘चलता-फिरता हाईटेक कंट्रोल रूम’ हैं ये वाहन!
यह नई गाड़ियां आधुनिक तकनीकों और गैजेट्स से पूरी तरह लैस हैं:AI और स्मार्ट ट्रैकिंग: इनमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित लोकेशन ट्रैकिंग और GPS सिस्टम लगा है, जिससे कंट्रोल रूम गाड़ी की रीयल-टाइम लोकेशन देख सकेगा।तीसरी आंख का पहरा: गाड़ियों में लाइव मॉनिटरिंग के लिए PTZ कैमरा और डैश कैमरा लगाया गया है।कॉल के बिना भी मिलेगी मदद: अब नागरिक सिर्फ वॉयस कॉल ही नहीं, बल्कि व्हाट्सएप, चैटबॉट, एसएमएस, ईमेल या ‘SOS-112 इंडिया’ मोबाइल ऐप पर पैनिक बटन दबाकर भी तुरंत मदद बुला सकेंगे।मेडिकल बैकअप: सड़क हादसों के वक्त तुरंत राहत देने के लिए इन वाहनों में स्ट्रेचर और प्राथमिक चिकित्सा किट की भी व्यवस्था है।
⚡ अब 18 नहीं, पूरे 33 जिलों में ‘सुपरफास्ट’ सुरक्षा
पहले यह आपातकालीन सेवा छत्तीसगढ़ के केवल 16-18 जिलों तक ही सीमित थी। लेकिन अब साय सरकार के नेतृत्व में इस सेवा का विस्तार छत्तीसगढ़ के सभी 33 जिलों के हर एक थाने तक कर दिया गया है। इसके तहत महिला सुरक्षा, सड़क दुर्घटनाओं और मेडिकल इमरजेंसी में रिस्पॉन्स टाइम बेहद कम हो जाएगा।





