ईंधन और पर्यावरण संरक्षण के लिए सीएम विष्णुदेव साय की बड़ी पहल: कारकेड वाहनों की संख्या घटेगी, सरकारी बेड़े में शामिल होंगी इलेक्ट्रिक गाड़ियां
राज्य ब्यूरो मोहम्मद आसिफ खान संपादक वीरेंद्र कुमार
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ईंधन और पर्यावरण संरक्षण के लिए सीएम विष्णुदेव साय की बड़ी पहल: कारकेड वाहनों की संख्या घटेगी, सरकारी बेड़े में शामिल होंगी इलेक्ट्रिक गाड़ियां
रायपुर: छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रशासनिक व्यवस्था में अनुशासन, वित्तीय मितव्ययिता और पर्यावरण संरक्षण को लेकर एक बड़ा निर्णय लिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान से प्रेरणा लेते हुए मुख्यमंत्री ने घोषणा की है कि अब उनके आधिकारिक दौरों (कारकेड) में केवल बेहद आवश्यक वाहन ही शामिल किए जाएंगे। काफिले से अनावश्यक वाहनों को तत्काल हटाने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि ईंधन की भारी खपत और सरकारी खर्च में कमी लाई जा सके।।
मंत्रियों और पदाधिकारियों से संयम बरतने का आग्रह।
मुख्यमंत्री साय ने राज्य सरकार के सभी मंत्रियों, संसदीय सचिवों और विभिन्न निगम-मंडलों के पदाधिकारियों से भी सरकारी वाहनों सहित अन्य संसाधनों का बेहद संयमित और अनुशासित उपयोग करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि शासकीय मशीनरी द्वारा संसाधनों के उपयोग में बरता गया संयम पर्यावरण संरक्षण और ऊर्जा बचत दोनों में राज्य का बड़ा योगदान सुनिश्चित करेगा।
शासकीय बेड़े का होगा कायाकल्प: अब चलेंगी इलेक्ट्रिक कारें
राज्य सरकार ने पारंपरिक ईंधन पर निर्भरता कम करने के लिए शासकीय वाहनों को इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) में बदलने की दिशा में ठोस और व्यावहारिक कार्रवाई शुरू कर दी है। आने वाले समय में छत्तीसगढ़ के अधिकांश सरकारी विभागों में केवल इलेक्ट्रिक गाड़ियां ही दौड़ती नजर आएंगी। इस नीतिगत बदलाव से न सिर्फ करोड़ों रुपये के ईंधन की बचत होगी, बल्कि वायु प्रदूषण में भी भारी गिरावट आएगी।
ईंधन संरक्षण को जन आंदोलन बनाने का आह्वान
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (ट्विटर) पर इस मुहिम की जानकारी साझा करते हुए लिखा कि वैश्विक ऊर्जा संकट और पर्यावरणीय चुनौतियों के इस दौर में पेट्रोल-डीजल का जिम्मेदारीपूर्ण उपयोग करना हम सभी का राष्ट्रीय दायित्व है। उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील की है कि वे:सार्वजनिक परिवहन (Public Transport) का अधिक से अधिक इस्तेमाल करें।
लंबी दूरी तय करने के लिए कारपूलिंग (Carpooling) की आदत डालें।
छोटी दूरियों और अनावश्यक कार्यों के लिए निजी वाहनों के उपयोग से बचें।सीएम साय ने जोर देकर कहा कि हर नागरिक के छोटे-छोटे प्रयासों और आदतों में बदलाव से ईंधन संरक्षण को एक राष्ट्रव्यापी जन आंदोलन का रूप दिया जा सकता है, जो आने वाली पीढ़ियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए बेहद जरूरी है।





