नाबालिग होने के आरोप से डिप्टी CM और अब मुख्यमंत्री की कुर्सी तक: सम्राट चौधरी का ऐतिहासिक सफर

 नाबालिग होने के आरोप से डिप्टी CM और अब मुख्यमंत्री की कुर्सी तक: सम्राट चौधरी का ऐतिहासिक सफर

राज्य ब्यूरो मोहम्मद आसिफ खान संपादक वीरेंद्र कुमार

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नाबालिग होने के आरोप से डिप्टी CM और अब मुख्यमंत्री की कुर्सी तक: सम्राट चौधरी का ऐतिहासिक सफर

पटना: बिहार की राजनीति में एक नया अध्याय जुड़ गया है। कोइरी समाज के कद्दावर नेता और भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सम्राट चौधरी ने बिहार के मुख्यमंत्री के रूप में कमान संभाल ली है। 1999 से शुरू हुआ उनका विवादों और संघर्षों भरा सफर आज सत्ता के शिखर पर पहुंच गया है।

उम्र का वह विवाद जिसने बटोरी थीं सुर्खियां

सम्राट चौधरी का राजनीतिक उदय बेहद नाटकीय रहा। साल 1999 में जब लालू प्रसाद यादव जेल में थे और राबड़ी देवी मुख्यमंत्री थीं, तब सम्राट चौधरी को बिहार का कृषि मंत्री बनाया गया था। बेहद कम उम्र में मंत्री बनने के कारण वह अचानक देश की नजरों में आ गए।

हालांकि, तत्कालीन विपक्षी नेता सुशील कुमार मोदी ने उनकी उम्र को लेकर मोर्चा खोल दिया। आरोप लगा कि सम्राट की उम्र अभी मात्र 21 वर्ष है, जिसके कारण वह न तो विधायक बन सकते हैं और न ही मंत्री। विवाद इतना बढ़ा कि राज्यपाल के हस्तक्षेप के बाद उन्हें इस्तीफा देना पड़ा।

सुप्रीम कोर्ट से मिली राहत और भाजपा में बढ़ता कद

सम्राट चौधरी ने हार नहीं मानी और ‘नाबालिग’ होने के टैग के खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ी। लंबी कानूनी प्रक्रिया के बाद अंततः सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें उम्र के मामले में क्लीन चिट दी। 2014 में उन्होंने आरजेडी का साथ छोड़कर नीतीश कुमार की जेडीयू का दामन थामा और दोबारा मंत्री बने।

2017 में वह भाजपा में शामिल हुए और इसके बाद उनका ग्राफ तेजी से बढ़ा:

2021: पंचायती राज मंत्री बने।

2022: विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष की जिम्मेदारी संभाली।

2023: बिहार भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त हुए।

2024: बिहार के उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली।

कोइरी समाज के बड़े चेहरे पर अब सबकी नजर

सम्राट चौधरी को बिहार में लव-कुश समीकरण (विशेषकर कोइरी समाज) के एक बड़े आधार स्तंभ के रूप में देखा जाता है। उनकी आक्रामक कार्यशैली और जमीनी पकड़ ने उन्हें इस मुकाम तक पहुँचाया है। अब मुख्यमंत्री के रूप में उनके सामने चुनौतियों का नया पहाड़ है। जनता यह देखने को उत्सुक है कि ‘नाबालिग’ होने के आरोपों से मुख्यमंत्री की कुर्सी तक पहुँचने वाले सम्राट, बिहार के विकास के लिए कैसा रोडमैप तैयार करते हैं।