Ola-Uber को टक्कर! सरकार लाने जा रही है Taxi सर्विस, ‘सहकार टैक्सी’ का ऐलान

राज्य ब्यूरो मोहम्मद आसिफ खान संपादक बीरेंद्र कुमार चौधरी

OLA-Uber की मनमानी होगी खत्म!

 

सरकार ने ‘सहकार टैक्सी’ सेवा का ऐलान किया.

यह सेवा ओला, उबर को टक्कर देगी.

मुनाफा सीधे ड्राइवरों को मिलेगा.

 

नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने गुरुवार को नई को-ऑपरेटिव टैक्सी ‘सहकार टैक्सी’ को लॉन्च करने का ऐलान किया है. इसका मकसद बाइक, कैब और ऑटो सर्विस उपलब्ध कराना है. इस कॉपरेटिव टैक्सी सर्विस के लॉन्च से ऑनलाइन टैक्सी मार्केट में ओला, उबर और रैपिडो जैसे प्लेटफॉर्म्‍स को टक्कर मिलेगी. इस कदम का मकसद एक अल्टरनेटिव ट्रांसपोर्ट सर्विस उपलब्ध कराना है, जहां ड्राइवर्स बड़ी कंपनियों के साथ मुनाफा शेयर किए बिना सीधे कमाई कर सकेंगे.

 

केंद्रीय गृह मंत्री और सहकारिता मंत्री अमित शाह ने संसद में कहा कि सहकार टैक्सी देश भर में टू-व्हीलर टैक्सियों, ऑटो-रिक्शा और फोर-व्हीलर टैक्सियों का रजिस्ट्रेशन करेगी. शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ‘सहकार से समृद्धि’ सिर्फ एक नारा नहीं है, इसे साकार करने के लिए सहकारिता मंत्रालय ने पिछले साढ़े तीन साल में दिन-रात काम किया है. केंद्रीय मंत्री ने आगे कहा कि सहकार टैक्सी सेवा आने वाले महीनों में शुरू की जाएगी.

 

ड्राइवरों को होगा फायदा

प्राइवेट कंपनियों के उलट यह सर्विस यह सुनिश्चित करेगी कि सारी कमाई ड्राइवरों के पास ही रहे, जिससे उन्हें ज्यादा फाइनेंशियल बेनिफिट्स मिलेगा. केंद्रीय सहकारिता मंत्री ने कहा, “इस सर्विस से होने वाला फायदा किसी बड़े उद्योगपति को नहीं मिलेगा, बल्कि गाड़ी के ड्राइवर्स को मिलेगा.”

 

बनाई जाएगी को-ऑपरेटिव इंश्योरेंस कंपनी

शाह ने कहा कि इसके अलावा एक को-ऑपरेटिव इंश्योरेंस कंपनी भी बनाई जाएगी जो देश में लोगों को इंश्योरेंस सर्विस उपलब्ध कराएगी. उन्होंने आगे कहा कि छोटे समय में, यह प्राइवेट की सबसे बड़ी इंश्योरेंस कंपनी बन जाएगी.

 

पश्चिम बंगाल में चल रही है ‘यात्री साथी’ की सर्विस

पश्चिम बंगाल में ‘यात्री साथी’ नाम से एक ऐसा ही सर्विस पहले से ही चल रही है, जो पहले सिर्फ कोलकाता में उपलब्ध थी. अब इसका विस्तार सिलीगुड़ी, आसनसोल और दुर्गापुर जैसे शहरों में भी हो गया है.

 

2022 में केरल में शुरू हुई थी ‘केरल सवारी’

2022 में सरकारी ऑनलाइन टैक्सी सेवा ‘केरल सवारी’ शुरू करने वाला केरल देश का पहला राज्य था. हालांकि कम इस्तेमाल के कारण इसे बंद कर दिया गया है, लेकिन राज्य सरकार अब रिवाइज्ड किराए और बेहतर सॉफ्टवेयर के साथ इसे फिर से शुरू करने की योजना बना रही है.