सुप्रीम कोर्ट से पूर्व सीएम भूपेश बघेल को बड़ा झटका: पाटन चुनाव याचिका के खिलाफ अर्जी खारिज, सीजेआई बोले- ‘ट्रायल आगे बढ़ेगा’
राज्य ब्यूरो मोहम्मद आसिफ खान संपादक वीरेंद्र कुमार
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सुप्रीम कोर्ट से पूर्व सीएम भूपेश बघेल को बड़ा झटका: पाटन चुनाव याचिका के खिलाफ अर्जी खारिज, सीजेआई बोले- ‘ट्रायल आगे बढ़ेगा’
नई दिल्ली:सुप्रीम कोर्ट ने छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता भूपेश बघेल को बड़ा झटका देते हुए उनकी याचिका खारिज कर दी है। भूपेश बघेल ने 2023 के विधानसभा चुनाव में पाटन सीट से अपनी जीत के खिलाफ दायर चुनाव याचिका की ‘स्वीकार्यता’ (Maintainability) पर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट द्वारा प्रारंभिक मुद्दा (Preliminary Issue) तय करने से इनकार करने के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। शीर्ष अदालत ने साफ कर दिया है कि चुनाव याचिका का ट्रायल अब आगे बढ़ेगा।
सीजेआई की पीठ ने जताई नाराजगी, कहा- ‘चुनाव विवाद समय सीमा में निपटें’
प्रधान न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जोयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ ने इस मामले पर सुनवाई की। सुनवाई के दौरान शीर्ष अदालत ने चुनाव याचिकाओं में हो रही देरी पर सख्त रुख अपनाया।
देरी पर नाराजगी: पीठ ने प्रक्रिया को लंबा खींचने और सुनवाई में देरी करने के प्रयासों पर गहरी नाराजगी जताई।
समय सीमा का संदेश: शीर्ष अदालत ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि चुनावी विवादों का निपटारा एक तय समय सीमा के भीतर होना ही चाहिए।
45 दिन की सीमा अवधि का तर्क खारिज
भूपेश बघेल की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल और विवेक तन्खा पेश हुए। उन्होंने दलील दी कि:
हाईकोर्ट ने यह मानने में गलती की है कि कोई प्रारंभिक मुद्दा नहीं बनता।
उनके अनुसार, याचिका 45 दिन की निर्धारित सीमा अवधि (Limitation Period) के बाद दायर की गई थी, इसलिए इसे शुरुआत में ही खारिज कर दिया जाना चाहिए था।
सुप्रीम कोर्ट का रुख:
पीठ ने सिब्बल और तन्खा की दलीलों को खारिज करते हुए स्पष्ट किया कि सीमा अवधि का यह मामला तथ्य और कानून का मिला-जुला सवाल (Mixed Question of Fact and Law) है। इसे बिना सबूतों और साक्ष्यों को परखे तय नहीं किया जा सकता।
याचिका खारिज, जुर्माना लगाने से किया परहेज
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इस प्रकार की अर्जियों से केवल अदालती कार्यवाही और ट्रायल में अनावश्यक देरी होती है।
हाईकोर्ट का आदेश बरकरार: सुप्रीम कोर्ट ने छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के आदेश को पूरी तरह से सही ठहराया और बघेल की याचिका खारिज कर दी।
बचे जुर्माने से: वकीलों के विशेष आग्रह और अनुरोध पर शीर्ष अदालत ने याचिकाकर्ता पर जुर्माना लगाने से तो परहेज किया, लेकिन याचिका को सिरे से खारिज कर दिया।
जानिए क्या है पाटन चुनाव विवाद?
छत्तीसगढ़ के 2023 विधानसभा चुनाव में भूपेश बघेल ने पाटन सीट से जीत दर्ज की थी।
किसने दी चुनौती: भाजपा नेता विजय बघेल ने भूपेश बघेल के निर्वाचन को हाईकोर्ट में चुनौती दी है।
आरोप क्या है: विजय बघेल का आरोप है कि भूपेश बघेल ने मतदान से ठीक पहले के 48 घंटे वाले ‘मौन काल’ (Silence Period) का उल्लंघन किया था।
मांग: याचिका में चुनाव आचार संहिता और नियमों के उल्लंघन के आधार पर भूपेश बघेल का निर्वाचन रद्द करने की मांग की गई है।





