15 हजार करोड़ से संवरेगा सफर: भोपाल-रायपुर के बीच घटेगी घंटों की दूरी, कवर्धा-बेमेतरा के रास्ते बनेगा नया ग्रीनफील्ड कॉरिडोर
राज्य ब्यूरो मोहम्मद आसिफ खान संपादक वीरेंद्र कुमार
************************************
15 हजार करोड़ से संवरेगा सफर: भोपाल-रायपुर के बीच घटेगी घंटों की दूरी, कवर्धा-बेमेतरा के रास्ते बनेगा नया ग्रीनफील्ड कॉरिडोर
मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के बीच सड़क संपर्क को एक नया आयाम मिलने जा रहा है। भोपाल से जबलपुर होते हुए छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर को जोड़ने के लिए करीब ₹15,000 करोड़ की लागत से एक नए ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे और सिक्सलेन कॉरिडोर की योजना पर काम शुरू हो चुका है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के पूरा होने से दोनों राज्यों के बीच यात्रा का समय आधा रह जाएगा और व्यापार व पर्यटन को भारी बूस्ट मिलेगा।
प्रस्तावित मार्ग और मुख्य बिंदु
रूट कवरेज: यह एक्सप्रेस-वे भोपाल से शुरू होकर सागर, दमोह, जबलपुर और मंडला होते हुए छत्तीसगढ़ सीमा में प्रवेश करेगा। छत्तीसगढ़ में यह कवर्धा, बेमेतरा और सिमगा के रास्ते रायपुर से जुड़ेगा।
चिल्फी घाट का कायाकल्प: जबलपुर से छत्तीसगढ़ सीमा तक स्थित चिल्फी घाट वाले हिस्से को सिक्सलेन बनाया जाएगा, जिस पर अकेले ₹2,500 करोड़ खर्च होने का अनुमान है।
सफर के समय में भारी कटौती: वर्तमान में रायपुर से भोपाल की सड़क यात्रा में 15 से 16 घंटे लगते हैं, जो नए कॉरिडोर से काफी कम हो जाएंगे। वहीं रायपुर से जबलपुर का सफर घटकर 8 घंटे से भी कम रह जाएगा।
व्यापार और पर्यटन को मिलेगा नया बूस्ट
यह कॉरिडोर केवल एक सड़क नहीं, बल्कि दोनों राज्यों के लिए आर्थिक प्रगति का जरिया बनेगा।
माल परिवहन (Freight Transport): छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश के औद्योगिक hubs के बीच लॉजिस्टिक्स और गुड्स ट्रांसपोर्ट की रफ्तार तेज होगी।
पर्यटन संवर्धन: रायपुर और आसपास के क्षेत्रों से विश्व प्रसिद्ध ‘कान्हा-किसली राष्ट्रीय उद्यान’ जाने वाले पर्यटकों को विश्वस्तरीय सड़क सुविधा मिलेगी।
ट्रैफिक दबाव से राहत: सिक्सलेन कॉरिडोर बनने से मौजूदा राष्ट्रीय राजमार्गों पर गाड़ियों का भारी दबाव कम होगा।
आगे की राह (Current Status)
फिलहाल इस वृहद परियोजना की DPR (Detailed Project Report) तैयार करने की प्रक्रिया चल रही है। डीपीआर फाइनल होते ही भूमि अधिग्रहण, बजट आवंटन और निर्माण एजेंसियों के चयन का काम शुरू होगा, जिसके बाद निर्माण की आधिकारिक समय-सीमा स्पष्ट होगी।





