रायगढ़ में गजराज का तांडव: जिले में 164 हाथियों की दस्तक से दहशत, घरघोड़ा में मकान ढहाए, धरमजयगढ़ में 16 किसानों की फसलें रौंदीं

राज्य ब्यूरो मोहम्मद आसिफ खान संपादक वीरेंद्र कुमार

 

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रायगढ़ में गजराज का तांडव: जिले में 164 हाथियों की दस्तक से दहशत, घरघोड़ा में मकान ढहाए, धरमजयगढ़ में 16 किसानों की फसलें रौंदीं

रायगढ़:छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में हाथियों की बढ़ती संख्या ने एक बार फिर ग्रामीणों की नींद उड़ा दी है। जिले के दोनों वन मंडलों में इस समय कुल 164 हाथियों की मौजूदगी दर्ज की गई है। ढलती शाम के साथ ही हाथियों का दल जंगलों से निकलकर बस्तियों और खेतों की ओर रुख कर रहा है, जिससे सीमावर्ती इलाकों में दहशत का माहौल है।

घरघोड़ा में दीवारें गिराकर खा गए चावल, जनहानि टली

बीती रात घरघोड़ा रेंज के कया-बटुराकछार जंगल में 53 हाथियों का एक बड़ा दल आ धमका। रात के अंधेरे में यह दल जंगल की सीमा लांघकर कया गांव की बस्ती तक पहुंच गया। हाथियों की आहट मिलते ही ग्रामीणों ने सूझबूझ दिखाई और तुरंत अपने घरों से बाहर निकलकर जान बचाई।

गांव में घुसे हाथियों ने दो ग्रामीणों के कच्चे मकानों पर हमला कर सूंड से दीवारें ढा दीं। घर के भीतर रखी चावल की बोरियों को हाथियों ने चट कर दिया और आसपास के खेतों में खड़ी धान की फसल को भारी नुकसान पहुंचाया। गनीमत यह रही कि समय रहते ग्रामीण बाहर निकल आए थे, जिससे कोई जनहानि नहीं हुई।

धरमजयगढ़ में 16 किसानों की मेहनत पर फिरा पानी

हाथियों का कहर केवल घरघोड़ा तक सीमित नहीं रहा, बल्कि धरमजयगढ़ वन मंडल में भी हाथियों के दल ने भारी तबाही मचाई:

मेढ़रमार: गगन मंडल, संजय अग्रवाल और विनोद जेठवानी की धान की फसल को रौंद दिया।

कापू रेंज (पंडरापाठ, परसापारा, सांगुल, तालगांव): किसान ननकु वर्मा, रामेश्वर वर्मा, अकबर वर्मा, भीमू पैंकरा, गुणसागर, हेमसागर, मधु यादव, परसु सिदार और कोरनो यादव के खेतों को भारी क्षति पहुंची।

कोयलारडांड: बीरा लकड़ा, सोमनाथ राठिया, सुंदर सिंह और रवि राठिया की लहलहाती फसलें हाथियों के पैरों तले कुचल गईं।

ड्रोन से रखी जा रही नजर, जल्द मिलेगा मुआवजा

घरघोड़ा सब-डिविजन के एसडीओ आशुतोष मंडावा ने स्थिति की गंभीरता की पुष्टि करते हुए बताया कि हाथियों के दल में छोटे शावक भी शामिल हैं, जिससे वे अधिक संवेदनशील और आक्रामक हो सकते हैं।

“हाथियों की सुरक्षा और ग्रामीणों की रक्षा के लिए ड्रोन कैमरों, हाथी मित्र दल और वन विभाग की टीमों को 24 घंटे निगरानी पर लगाया गया है। नुकसान का त्वरित आकलन किया जा रहा है ताकि प्रभावितों को जल्द से जल्द मुआवजा दिया जा सके। मुनादी कराकर लोगों को सतर्क रहने की हिदायत दी जा रही है।”

— आशुतोष मंडावा, एसडीओ (घरघोड़ा)