चरवाहे पर बाघ का हमला… भैसों ने मिलकर जंगल में खदेड़ा, आखिरकार बचा ली मालिक की जान

राज्य ब्यूरो मोहम्मद आसिफ खान संपादक बीरेंद्र कुमार चौधरी

 

चरवाहे की जान बचाने बाघ के पीछे दौड़ गई भैंसें।

चरवाहे के घायल होने पर फिलहाल इलाज जारी।

खवासा वन परिक्षेत्र में खंडासा जंगल में हुई घटना।

 

 

 

Mp सिवनी। महाराष्ट्र-मध्यप्रदेश की सीमा पर स्थित दक्षिण सामान्य वनमंडल के खवासा वन परिक्षेत्र अंतर्गत खंडासा जंगल में रविवार शाम जंगल में मवेशियों को चरा रहे एक 57 वर्षीय वृद्ध चरवाहे रामा बोपटे (गौली) पर बाघ ने अचानक हमला कर दिया।

बाघ चरवाहे को दबोचकर अपना शिकार बनाता, इससे पहले जंगल में चर रही भैंसों ने बाघ की ओर दौड़ लगाकर चरवाहे (मवेशी मालिक) की जान बचा ली। इसे इंसान व पालतु जानवराें के बीच गहरा रिश्ता ही कहा जाएगा, जहां हमलावर बाघ को मवेशियों ने जंगल लौटने पर मजबूर कर दिया।

डर कर भाग गया बाघ

भैसों के आक्रमक होते ही बाघ को पीछे हट गया, जिससे घायल चरवाहे रामा गौली ने मौके से भागकर अपनी जान बचा ली। खवासा वन परिक्षेत्र अधिकारी घनश्याम चतुर्वेदी ने नईदुनिया को बताया कि रविवार को खंडासा टोला निवासी रामा गौली 7 जुलाई की शाम करीब 4 बजे खंडासा जंगल में मवेशी चरा रहा था। जंगल गए मवेशियों में चरवाहा रामा गौली की कुछ भैंस और अन्य जानवर भी थे।

इसी बीच जंगल में मौजूद एक बाघ ने चरवाहे रामा गौली पर हमला कर दिया। वन परिक्षेत्र अधिकारी चतुर्वेदी ने बताया कि बाघ के हमले में रामा गौली के पीठ व पैरे में पंजा लगने से गहरे घाव हो गए हैं। घायल चरवाहे के अनुसार, जैसे ही बाघ ने हमला किया, उसकी भैसें और अन्य मवेशियों ने बाघ की ओर दौड़ लगा दी। इससे हमलावर बाघ पीछे हट गया और उसने भागकर अपनी जान बचा ली।

 

सभी मवेशी भी सुरक्षित घर लौटे

बाद में बाघ जंगल लौट गया और सभी मवेशी भी सुरक्षित जंगल से वापस आ गए। बाघ के हमले में चरवाहे के घायल होने की सूचना मिलते ही वन अमला मौके पर पहुंचा और घायल को प्राथमिक उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कुरई लाया गया, यहां प्राथमिक उपचार के बाद घायल को जिला अस्पताल सिवनी रैफर कर दिया गया है।

 

रामा गौली खतरे से बाहर

जिला अस्पताल में घायल का उपचार जारी है, जो खतरे से बाहर बताया गया है। खवासा रेंजर चतुर्वेदी ने बताया कि चूंकि घटना स्थल मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र की सीमा पर स्थित है। इसलिए सोमवार सुबह इसकी तस्दीक कर आगे नियमानुसार प्रकरण दर्ज कर सहायता राशि उपलब्ध कराने कार्रवाई की जाएगी।