छत्तीसगढ़ के मोहला-मानपुर में 9 दिन बाद फिर लौटा बाघ: बैल का किया शिकार, रास्ते से गुजरते चरवाहों पर लगाया घात, बाल-बाल बची जान
राज्य ब्यूरो मोहम्मद आसिफ खान संपादक वीरेंद्र कुमार
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छत्तीसगढ़ के मोहला-मानपुर में 9 दिन बाद फिर लौटा बाघ: बैल का किया शिकार, रास्ते से गुजरते चरवाहों पर लगाया घात, बाल-बाल बची जान
मोहला-मानपुर (छत्तीसगढ़)। औंधी-नवागांव उपवन परिक्षेत्र में बाघ की दस्तक से एक बार फिर दहशत का माहौल बन गया है। करीब नौ दिनों की शांति के बाद सोमवार शाम चार बजे बाघ ने एक बैल को अपना शिकार बनाया, जिसके बाद क्षेत्र में दोबारा सनसनी फैल गई।
मंगलवार को भी बाघ घोटियाकन्हार के जंगल और हालेपायली मार्ग पर देखा गया, जहाँ वह रास्ते से गुजर रहे चरवाहों पर झाड़ियों की आड़ से घात लगाकर हमला करने की कोशिश कर रहा था। ग्रामीणों के सतर्क होकर शोर मचाने पर बाघ पीछे हटने लगा और चरवाहों ने भागकर जैसे-तैसे अपनी जान बचाई।
स्कूली बच्चों के लिए विशेष गाड़ी की व्यवस्था
घटना की गंभीरता को देखते हुए वन अमला अलर्ट मोड़ पर आ गया है। बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए वन विभाग द्वारा आज बुधवार से विशेष गाड़ी की व्यवस्था की जा रही है, जो स्कूली बच्चों को सुरक्षित लाएगा और छोड़ेगा।
ग्रामीणों ने साझा की दहशत की आपबीती
जेम्स एक्का और रसिन्ता एक्का: “मंगलवार को बैलों को लेकर हालेपायली मार्ग से गुजरते समय झाड़ियों के पीछे से बाघ घात लगाकर आगे बढ़ रहा था। नज़र पड़ते ही हमने घबराकर शोर मचाया, जिससे बाघ पीछे हटा और हमारी जान बची।”
मंदा दुग्गा: “सोमवार को जंगल में मवेशी चराते समय सबसे पहले बाघ की मौजूदगी का आभास हुआ था।”
टैप कैमरे लगाए गए, मुनादी जारी
मवेशी के शिकार के बाद मंगलवार को वन विभाग के एसडीओ सुरेश पीपरे और रेंजर प्रवीण देहारी की टीम घोटियाकन्हार पहुँची। वन विभाग की टीम ने घटनास्थल का मुआयना कर बाघ के पदचिन्हों के आधार पर टैप कैमरे स्थापित किए हैं।
महीने भर से बनी इस दहशत के बीच वन विभाग की टीम लगातार प्रभावित क्षेत्रों में गश्त कर रही है और लाउडस्पीकर से मुनादी करवाकर ग्रामीणों को सतर्क रहने व अकेले जंगल की ओर न जाने की हिदायत दे रही है।





