आबकारी महकमे में हड़कंप: ACB केस में आबकारी सब-इंस्पेक्टर निलंबित, ओवररेटिंग और अवैध बिक्री में दो अन्य अफसरों को थमाया नोटिस
राज्य ब्यूरो मोहम्मद आसिफ खान संपादक वीरेंद्र कुमार
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आबकारी महकमे में हड़कंप: ACB केस में आबकारी सब-इंस्पेक्टर निलंबित, ओवररेटिंग और अवैध बिक्री में दो अन्य अफसरों को थमाया नोटिस
रायपुर। छत्तीसगढ़ आबकारी विभाग ने भ्रष्टाचार और लापरवाही के मामलों में बड़ी सर्जिकल स्ट्राइक की है। आबकारी आयुक्त ने एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) में एफआईआर दर्ज होने के बाद मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर के आबकारी उपनिरीक्षक (SI) संतोष कुमार नारंग को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इसी के साथ शराब की अवैध थोक बिक्री और ओवररेटिंग के गंभीर आरोपों में दो अन्य आबकारी अधिकारियों को कारण बताओ (शो-काज) नोटिस जारी कर 7 दिनों के भीतर जवाब मांगा गया है।
विभाग द्वारा जारी कड़े आदेशों और नोटिसों का विवरण इस प्रकार है:
ACB कार्रवाई में निलंबन: मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में पदस्थ आबकारी उपनिरीक्षक संतोष कुमार नारंग के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत ACB में केस दर्ज हुआ था, जिसके बाद विभाग ने सख्त रुख अपनाते हुए उन्हें निलंबित कर दिया है।
अवैध थोक बिक्री पर नोटिस: तत्कालीन डीईओ कार्यालय बालोद में पदस्थ (वर्तमान निलंबित) आबकारी उपनिरीक्षक आशाराम शाक्य को नया नोटिस मिला है। ग्राम अरकार (जिला बालोद) में जब्त शराब की शीशियों और होलोग्राम की जांच में पाया गया कि तय सीमा से अधिक मात्रा में शराब की थोक बिक्री की गई थी।
ओवररेटिंग पर गिरी गाज: जिला बलौदाबाजार के तत्कालीन कार्यालय में पदस्थ आबकारी उपनिरीक्षक पी. माधव राव को देशी कम्पोजिट मदिरा दुकान रोहासी के काउंटर पर तय कीमत से अधिक दाम (ओवररेट) पर शराब बेचने की जन-शिकायत के बाद कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
विभाग ने स्पष्ट किया है कि नोटिस का जवाब 7 दिनों के भीतर न मिलने या असंतोषजनक पाए जाने पर संबंधित अफसरों के खिलाफ बर्खास्तगी व विभागीय जांच की कठोर कार्रवाई की जाएगी।





