बिलासपुर में 20 साल बाद बाढ़ का हाहाकार; रिहायशी कॉलोनियां बनीं तालाब, कलेक्टर बंगले में घुसा पानी, स्कूल बंद

 बिलासपुर में 20 साल बाद बाढ़ का हाहाकार; रिहायशी कॉलोनियां बनीं तालाब, कलेक्टर बंगले में घुसा पानी, स्कूल बंद

राज्य ब्यूरो मोहम्मद आसिफ खान संपादक वीरेंद्र कुमार

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न्यायधानी डूबी: बिलासपुर में 20 साल बाद बाढ़ का हाहाकार; रिहायशी कॉलोनियां बनीं तालाब, कलेक्टर बंगले में घुसा पानी, स्कूल बंद

 

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ की न्यायधानी बिलासपुर में पिछले दो दिनों से हो रही रिकॉर्डतोड़ मूसलाधार बारिश ने तबाही मचा दी है। शहर में 20 साल में पहली बार बाढ़ के ऐसे भयावह हालात देखने को मिले हैं, जिसने नगर पालिक निगम के मानसून पूर्व तैयारियों के दावों की पूरी तरह हवा निकाल दी है। शहर के अधिकांश हिस्सों में कमर तक पानी भर गया है, जिससे जनजीवन पूरी तरह ठप हो गया है।

🌊 अर्पा नदी उफान पर, टापू बने रिहायशी इलाके

लगातार हो रही बारिश के कारण बिलासपुर की जीवनदायिनी अर्पा नदी और उसके सहायक नाले उफान पर हैं। पानी का बैकफ्लो होने के कारण शहर के पॉश इलाकों से लेकर निचली बस्तियों में पानी घरों के बेडरूम तक घुस गया है।प्रभावित मुख्य इलाके: सरकंडा, चांटीडीह, कुदुदंड, व्यापार विहार, मंगला, तारबहार, कस्तूरबा नगर, श्रीकांत वर्मा मार्ग, हंसा विहार और जोरापारा पूरी तरह जलमग्न हैं।वीआईपी क्षेत्र भी अछूता नहीं: भारी बारिश का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कलेक्टर बंगले के भीतर भी पानी भर गया है, जहां निगम की टीमें वॉटर पंप लगाकर जल निकासी में जुटी हुई हैं। वहीं बंगले के सामने एक कार पर विशाल पेड़ गिरने से हड़कंप मच गया।

🚣‍♂️ SDRF ने संभाली कमान, नावों से किया जा रहा रेस्क्यू

बाढ़ में फंसे नागरिकों को सुरक्षित निकालने के लिए एसडीआरएफ (SDRF) और नगर निगम की रेस्क्यू टीमें लगातार अभियान चला रही हैं। सरकंडा के बंधवापारा और चांटीडीह के निचले इलाकों से अब तक 40 से अधिक लोगों को नावों के जरिए सुरक्षित निकालकर राहत शिविरों में भेजा गया है।

⚡ शहर में ब्लैकआउट और पेयजल का बड़ा संकट

बाढ़ के पानी के कारण बिलासपुर के कई मुख्य इलाकों में बिजली के ट्रांसफार्मर पूरी तरह डूब चुके हैं। सुरक्षा के लिहाज से प्रशासन ने कई सब-स्टेशनों की बिजली बंद कर दी है, जिससे आधे से अधिक शहर में ब्लैकआउट (बिजली गुल) की स्थिति है। बिजली बंद होने और मोटर पंप न चल पाने के कारण अब लोगों के सामने पीने के साफ पानी का गंभीर संकट खड़ा हो गया है।

🎒 प्रशासनिक मुस्तैदी: स्कूलों में तत्काल छुट्टी घोषित

बिलासपुर रेलवे स्टेशन के पास रेलवे ट्रैक पानी में डूबने और सड़कों के तालाब बनने के बाद, कलेक्टर ने बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जिले के सभी सरकारी और निजी स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी है। कई स्कूलों के खेल मैदान और कमरों में घुटनों तक पानी भरा हुआ है।

📱 सोशल मीडिया पर लोगों ने तंज कसते हुए मांगी ‘नांव’

बिलासपुर के नागरिकों में नगर निगम के प्रति भारी आक्रोश देखा जा रहा है। जलभराव से परेशान लोगों ने व्हाट्सएप, फेसबुक और इंस्टाग्राम पर रील्स और वीडियो शेयर कर प्रशासन पर जमकर तंज कसा है। लोग व्यंग्य में जिला प्रशासन से अपने इलाकों के लिए गाड़ियों की जगह नावें भेजने की मांग कर रहे हैं।

⛈️ मौसम विभाग की चेतावनी: अभी और बरसेगा पानी

मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, बिलासपुर और उसके आस-पास के जिलों के लिए भारी बारिश का अलर्ट जारी रखा गया है। गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की आशंका है। प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे जलभराव वाले क्षेत्रों, उफनते नदी-नालों और बिजली के खंभों से दूर रहें तथा बिना आपातकालीन कार्य के घरों से बाहर न निकलें।