कवर्धा: बुजुर्ग महिला की पुश्तैनी जमीन का रास्ता सरपंच ने घेरा, पीड़ित महिला ने कलेक्टर से लगाई न्याय की गुहार

 कवर्धा: बुजुर्ग महिला की पुश्तैनी जमीन का रास्ता सरपंच ने घेरा, पीड़ित महिला ने कलेक्टर से लगाई न्याय की गुहार

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राज्य ब्यूरो मोहम्मद आसिफ खान संपादक वीरेंद्र कुमार

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कवर्धा: बुजुर्ग महिला की पुश्तैनी जमीन का रास्ता सरपंच ने घेरा, पीड़ित महिला ने कलेक्टर से लगाई न्याय की गुहार

 

 

 

 

दुर्ग की 71 वर्षीय कुंवरिया चंदेल का आरोप- रंजीतपुर सरपंच छवि साहू ने जानबूझकर खेत के सामने डलवाई मिट्टी, किसानी के सीजन में अधियाकारों के सामने खड़ी हुई मुसीबत

कवर्धा/।खेती-किसानी का सीजन शुरू होते ही कवर्धा जिले के ग्राम रंजीतपुर में एक बुजुर्ग महिला की जमीन को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। दुर्ग जिले की रहने वाली 71 वर्षीय बुजुर्ग महिला कुंवरिया चंदेल ने रंजीतपुर की सरपंच छवि साहू पर जानबूझकर परेशान करने और उनकी पुश्तैनी जमीन का रास्ता बंद करने का गंभीर आरोप लगाया है। बुजुर्ग महिला का आरोप है , ग्राम रंजीतपुर में और भी तालाब है जबकि मेरा खेत रंजीतपुर से 1 किलोमीटर से ज्यादा है. गांव के और तालाबों को ना खुदवा कर मेरे खेत के सामने जानबूझकर गड्ढा कर मेरे खेत का रास्ता बंद कर दिया गया है.

 

इस संबंध में पीड़ित महिला ने माननीय कलेक्टर कवर्धा को लिखित शिकायत सौंपकर तत्काल न्याय की मांग की है।

जानबूझकर रास्ता रोकने का आरोप

पीड़ित बुजुर्ग महिला कुंवरिया चंदेल ने बताया कि उनकी पुश्तैनी जमीन ग्राम रंजीतपुर (जिला कवर्धा) में स्थित है। वह स्वयं दुर्ग जिले में निवास करती हैं, इसलिए इस जमीन पर ‘अधिया’ (बटाई) के माध्यम से स्थानीय किसानों से खेती का कार्य करवाती हैं। महिला का आरोप है कि रंजीतपुर की सरपंच छवि साहू ने उन्हें परेशान करने की नीयत से उनके खेत के ठीक सामने भारी मात्रा में मिट्टी डलवा दी है। इस कारण खेत के अंदर आने-जाने का मुख्य रास्ता पूरी तरह से अवरुद्ध हो गया है।

खेती के  बोआई पर खड़े अधियाकर परेशान

बुजुर्ग महिला का कहना है कि वर्तमान में मानसून की दस्तक के साथ ही किसानी का महत्वपूर्ण समय आ गया है। खेतों की जुताई, बोआई और खाद-बीज परिवहन का काम शुरू होना है। रास्ता बंद होने के कारण अधिया के माध्यम से काम करने वाले मजदूरों और किसानों को ट्रैक्टर व कृषि उपकरण खेत तक ले जाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

पीड़ित महिला के अनुसार, यदि समय पर रास्ता नहीं खुला तो इस साल उनकी जमीन पर खेती होना असंभव हो जाएगा, जिससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा।

 

प्रशासन से तत्काल दखल की मांग

वृद्धावस्था और दूर (दुर्ग) में रहने के कारण बुजुर्ग महिला के लिए बार-बार कवर्धा के चक्कर काटना बेहद कड़ा और मानसिक रूप से प्रताड़ित करने वाला साबित हो रहा है। उन्होंने प्रशासन से गुहार लगाते हुए कहा है कि एक जनप्रतिनिधि द्वारा इस तरह बुजुर्ग और बाहरी जमीन मालिक को परेशान करना न्यायसंगत नहीं है। शिकायत में कलेक्टर कवर्धा से मांग की गई है कि वे इस मामले की प्रशासनिक या राजस्व जांच करवाएं और खेत के सामने से तत्काल मिट्टी हटवाकर रास्ता बहाल करवाएं, ताकि समय पर बोआई का कार्य संपन्न हो सके।