राजनांदगांव के सिंगदई में दर्दनाक हादसा: आंधी से टूटा बिजली का तार, करंट की चपेट में आने से 15 मवेशियों की मौत; ग्रामीणों में आक्रोश, मुआवजे की मांग
राज्य ब्यूरो मोहम्मद आसिफ खान संपादक वीरेंद्र कुमार
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राजनांदगांव के सिंगदई में दर्दनाक हादसा: आंधी से टूटा बिजली का तार, करंट की चपेट में आने से 15 मवेशियों की मौत; ग्रामीणों में आक्रोश, मुआवजे की मांग
राजनांदगांव। छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव शहर के ग्रामीण वार्ड सिंगदई से एक बेहद दर्दनाक हादसा सामने आया है। यहाँ गुरुवार सुबह एक किसान के खेत में करीब 15 मवेशियों के शव बिखरी हालत में मिले। खेत में टूटे हुए बिजली के तार में दौड़ रहे करंट की चपेट में आने से इन सभी मवेशियों की मौत की पुष्टि हुई है। इस घटना के बाद से स्थानीय ग्रामीणों में भारी आक्रोश है।
आंधी-तूफान के कारण टूटा था तार
मिली जानकारी के अनुसार, बुधवार दोपहर बाद अचानक मौसम में बड़ा बदलाव आया था। तेज आंधी-तूफान और हवाएं चलने के कारण खेतों से गुजरी बिजली की तार खंभे से टूटकर खेत में गिर गई थी। तार टूटने के बावजूद उसमें बिजली की सप्लाई चालू थी और करंट दौड़ रहा था। इसी दौरान खेत में घास चरने गए मवेशी इस लाइव वायर की चपेट में आ गए और मौके पर ही 15 मवेशियों की तड़पकर जान चली गई।
सुबह ग्रामीणों ने देखा मंजर, पुलिस को दी सूचना
गुरुवार सुबह जब ग्रामीण खेतों की तरफ गए, तो उन्होंने मवेशियों की लाशें बिखरी हुई देखीं। ग्रामीणों ने तुरंत कोटवार के माध्यम से पुलिस को इस घटना की सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन और पशु चिकित्सा विभाग के अधिकारी दल-बल के साथ मौके पर पहुंचे।
अधिकारियों ने घटनास्थल की जांच कर पंचनामा तैयार किया और मृत मवेशियों का पोस्टमार्टम कराया। फिलहाल पुलिस घटना की विवेचना कर रही है।
कार्रवाई और मुआवजे की मांग पर अड़े ग्रामीण
इस घटना के बाद से बिजली विभाग के खिलाफ ग्रामीणों का गुस्सा उबल रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि लापरवाही के कारण समय रहते बिजली सप्लाई बंद नहीं की गई। उन्होंने लापरवाह बिजली अधिकारियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। वहीं, अपनी आजीविका खो चुके मवेशी मालिकों ने प्रशासन से उचित आर्थिक मुआवजे की गुहार लगाई है।





