कोरबा: पुलिस प्रताड़ना के आरोप में पानी टंकी पर चढ़ा युवक, मचा हड़कंप; थाना प्रभारी ने आरोपों को नकारा

 कोरबा: पुलिस प्रताड़ना के आरोप में पानी टंकी पर चढ़ा युवक, मचा हड़कंप; थाना प्रभारी ने आरोपों को नकारा

राज्य ब्यूरो मोहम्मद आसिफ खान संपादक वीरेंद्र कुमार

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कोरबा: पुलिस प्रताड़ना के आरोप में पानी टंकी पर चढ़ा युवक, मचा हड़कंप; थाना प्रभारी ने आरोपों को नकारा

 

कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। हरदीबाजार थाना क्षेत्र के ग्राम नेवसा में गुरुवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया, जब एक युवक गांव की पानी टंकी पर चढ़ गया और आत्महत्या की धमकी देने लगा। युवक का आरोप है कि पुलिस ने उसके साथ बेरहमी से मारपीट की और पैसे वसूले। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन के आला अधिकारी मौके पर पहुंच गए हैं।

पानी टंकी पर चढ़ा युवक, न्याय की मांग

मिली जानकारी के अनुसार, ग्राम नेवसा निवासी रफीक मोहम्मद गुरुवार सुबह तेज बारिश के बीच गांव की पानी टंकी पर चढ़ गया। वह वहां से नीचे उतरने को तैयार नहीं था और पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करते हुए न्याय की मांग कर रहा था। इस हाई-वोल्टेज ड्रामे को देखने के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण भी मौके पर एकत्र हो गए।

पुलिस पर मारपीट और अवैध वसूली का आरोप

रफीक मोहम्मद और उसके साथी दीपेश निर्मलकर ने हरदीबाजार थाना प्रभारी प्रमोद कुमार डनसेना पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़ितों का कहना है कि मंगलवार को पुलिस ने उन्हें ग्राम सिरली के पास से पकड़ा और थाने ले गई। आरोप है कि थाने में उनके साथ लाठी और बेल्ट से बेरहमी से मारपीट की गई। इसके साथ ही उन्होंने पुलिस पर ₹23,500 जबरन छीनने का भी आरोप लगाया है। इसी कार्रवाई से नाराज होकर रफीक ने यह आत्मघाती कदम उठाया।

थाना प्रभारी ने आरोपों को बताया निराधार

दूसरी ओर, हरदीबाजार थाना प्रभारी प्रमोद कुमार डनसेना ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। थाना प्रभारी का कहना है कि दोनों युवक क्षेत्र में जुआ फड़ संचालित करने की गतिविधियों में लिप्त थे। मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने उन्हें पकड़ा था और धारा 151 के तहत वैधानिक कार्रवाई की थी। उन्होंने मारपीट और रुपये लेने के आरोपों को पूरी तरह झूठा और निराधार बताया है।

ग्रामीणों में आक्रोश, पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल

इस घटना के बाद ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा है। ग्रामीणों ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पुलिस जबरन लोगों के घरों में घुसकर उन्हें उठा रही है। ग्रामीणों ने अनवर अली नामक एक अन्य युवक का भी जिक्र किया, जो अपनी पत्नी के अनुसार पिछले चार दिनों से लापता है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि कोई अपराध था भी, तो कानूनन कार्रवाई होनी चाहिए थी, न कि थाने में बर्बरतापूर्वक मारपीट।

 

मौके पर तैनात प्रशासन, समझाइश जारी

घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए तहसीलदार विमल खांडेकर और भारी पुलिस बल मौके पर मौजूद है। प्रशासन ग्रामीणों और युवक के परिजनों की मदद से रफीक मोहम्मद को समझाने-बुझाने का प्रयास कर रहा है। अंतिम समाचार मिलने तक युवक पानी टंकी पर ही डटा हुआ था और अधिकारी उसे सुरक्षित नीचे उतारने की कोशिशों में जुटे थे।