छत्तीसगढ़ में अवैध शराब का बड़ा भंडाफोड़: दूसरे राज्यों से आते थे ढक्कन-होलोग्राम, डोंगरगढ़ बना मुख्य कॉरिडोर
राज्य ब्यूरो मोहम्मद आसिफ खान संपादक वीरेंद्र कुमार
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छत्तीसगढ़ में अवैध शराब का बड़ा भंडाफोड़: दूसरे राज्यों से आते थे ढक्कन-होलोग्राम, डोंगरगढ़ बना मुख्य कॉरिडोर
राजनांदगांव: छत्तीसगढ़ में दूसरे राज्यों की शराब लाकर उसकी अवैध बाटलिंग करने वाले एक बड़े अंतरराज्यीय गिरोह का पर्वाफाश हुआ है। इस संगठित अपराध का जाल कई राज्यों में फैला हुआ है। गिरोह मध्यप्रदेश से भारी मात्रा में शराब लाता था, जबकि बोतलों के ढक्कन, स्टीकर और होलोग्राम दिल्ली, पुणे और नागपुर जैसे बड़े शहरों से मंगवाए जाते
थे।डोंगरगढ़ बना तस्करी का मुख्य केंद्र
मध्यप्रदेश की सरहद से लगा डोंगरगढ़ इस अवैध कारोबार का मुख्य कॉरिडोर बन चुका है। तस्कर छिंदवाड़ा, पांढुर्णा और बालाघाट के रास्ते मध्यप्रदेश की शराब छत्तीसगढ़ लाते थे। पहले स्थानीय स्तर पर इसे सीधे बेच दिया जाता था, लेकिन पिछले तीन वर्षों से गिरोह ने स्थानीय बोतलों में अवैध बाटलिंग कर दोगुना मुनाफा कमाने का नया तरीका निकाल लिया।
दो बड़ी कार्रवाइयों से हड़कंप
अप्रैल 2025 की बड़ी रेड: डोंगरगढ़ के करवारी स्थित एक फार्म हाउस पर पुलिस ने छापा मारकर 432 पेटी मध्यप्रदेश की शराब जब्त की थी। मौके से हजारों की संख्या में खाली बोतलें, ढक्कन, नकली लेबल और 4,000 होलोग्राम बरामद हुए थे। इस मामले में एक दर्जन से अधिक आरोपियों को जेल भेजा गया था।
कातलवाही में दोबारा पकड़ाया धंधा:
जमानत पर छूटते ही आरोपी चंद्रकांत उर्फ सोनू ने डोंगरगढ़ के कातलवाही में एक किराए के मकान में फिर से बाटलिंग का काम शुरू कर दिया। आबकारी विभाग ने दबिश देकर वहां से 27 पेटी शराब जब्त की और फरार आरोपी को राजनांदगांव से गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस और आबकारी खंगाल रही हैं नेटवर्क
इस मामले में आबकारी विभाग के सहायक आयुक्त अभिषेक तिवारी ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी चंद्रशेखर से लगातार पूछताछ की जा रही है। पुलिस और आबकारी विभाग की संयुक्त टीमें इस अंतरराज्यीय सिंडिकेट के पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए जांच में जुटी हैं।





