रायगढ़ में दर्दनाक हादसा: तेंदूपत्ता तोड़ते समय 50 फीट ऊंचे पेड़ से गिरा ग्रामीण, मौके पर ही मौत
राज्य ब्यूरो मोहम्मद आसिफ खान संपादक वीरेंद्र कुमार
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रायगढ़ में दर्दनाक हादसा: तेंदूपत्ता तोड़ते समय 50 फीट ऊंचे पेड़ से गिरा ग्रामीण, मौके पर ही मौत
रायगढ़: छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के कापू थाना क्षेत्र से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। यहाँ ग्राम अलोला में तेंदूपत्ता तोड़ने के दौरान पेड़ से गिरने के कारण एक ग्रामीण की दर्दनाक मौत हो गई है। सूचना मिलने पर पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर अस्पताल भेज दिया है और आगे की वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है।
पत्नी के सामने हुआ हादसा
मिली जानकारी के अनुसार, मृतक ग्रामीण अपनी पत्नी के साथ मड़वाताल घाट के जंगल में तेंदूपत्ता संग्रहण के लिए गया था। पत्तियां तोड़ने के लिए ग्रामीण जंगल में स्थित लगभग 50 फीट ऊंचे एक पेड़ पर चढ़ा हुआ था। वहीं, उसकी पत्नी पेड़ के नीचे जमीन पर पत्तियां इकट्ठा करने के काम में जुटी थी। इसी दौरान अचानक पेड़ के ऊपर ग्रामीण का संतुलन बिगड़ गया और वह सीधे नीचे पत्थरों पर आ गिरा।मौके पर ही तोड़ा दमलगभग 50 फीट की भारी ऊंचाई से गिरने के कारण ग्रामीण को शरीर के विभिन्न हिस्सों में गंभीर चोटें आईं। चोटें इतनी घातक थीं कि उसने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
हादसे के तत्काल बाद आस-पास के ग्रामीणों को घटना की जानकारी दी गई, जिन्होंने कापू थाना पुलिस को सूचित किया।पुलिस की कार्रवाई और पोस्टमार्टमसूचना मिलते ही कापू पुलिस की टीम तत्काल मौके पर पहुंची और घटनास्थल का मुआयना किया। पुलिस द्वारा मर्ग पंचनामा की औपचारिकताएं पूरी करने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया गया है। फिलहाल पुलिस इस मामले में आगे की कानूनी जांच कर रही है।
जोखिम भरा है संग्रहण कार्य
छत्तीसगढ़ के ग्रामीण और वनांचलों में तेंदूपत्ता संग्रहण आजीविका का एक मुख्य आधार है। हालांकि, यह कार्य काफी चुनौतीपूर्ण और जोखिम भरा होता है। ग्रामीणों को ऊंचे पेड़ों पर चढ़कर पत्ते तोड़ने पड़ते हैं, जहां संतुलन बिगड़ने की स्थिति में गंभीर दुर्घटनाओं की संभावना बनी रहती है।
अलोला ग्राम की यह घटना इन खतरों को एक बार फिर स्पष्ट करती है।छत्तीसगढ़ में तेंदूपत्ता संग्रहण के माध्यम से लाखों वनवासियों की आजीविका को सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। संग्रहण दर में वृद्धि, नए क्षेत्रों में विस्तार और बेहतर व्यवस्थाओं के साथ इस वर्ष बड़े स्तर पर तेंदूपत्ता संग्रहण किया जा रहा है, जिससे 13 लाख से अधिक संग्राहक परिवारों को सीधा लाभ मिल रहा है। पारदर्शी भुगतान के लिए DBT प्रणाली के माध्यम से राशि सीधे खातों में पहुंचाई जा रही है,





