छत्तीसगढ़: शादी का झांसा देकर SI ने किया महिला से रेप, अश्लील वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने और जबरन गर्भपात का आरोप
राज्य ब्यूरो मोहम्मद आसिफ खान संपादक वीरेंद्र कुमार
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छत्तीसगढ़: शादी का झांसा देकर SI ने किया महिला से रेप, अश्लील वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने और जबरन गर्भपात का आरोप
सक्ती। छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले में खाकी को शर्मसार करने वाला एक गंभीर मामला सामने आया है। यहाँ पदस्थ एक सब-इंस्पेक्टर (SI) कमल मैरिषा पर एक शादीशुदा महिला ने रेप, धोखाधड़ी और ब्लैकमेलिंग के गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़िता का दावा है कि SI ने खुद को कुंवारा बताकर उससे संबंध बनाए, उसका जबरन गर्भपात कराया और अब अश्लील वीडियो वायरल करने की धमकी देकर उसे डरा रहा है।
फेसबुक से शुरू हुई दोस्ती, धोखे में रखकर बनाए संबंध
पीड़िता के अनुसार, उसकी दोस्ती 3 साल पहले फेसबुक के जरिए SI कमल मैरिषा से हुई थी, जब वह दंतेवाड़ा में पदस्थ थे। सक्ती जिले में पोस्टिंग के बाद मुलाकातों का सिलसिला बढ़ा। महिला का पति उसे छोड़कर दूसरी शादी कर चुका था, जिसका फायदा उठाते हुए SI ने महिला और उसकी छोटी बच्ची को अपनाने का भरोसा दिया। महिला का आरोप है कि SI ने खुद को अविवाहित बताकर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए और छिपकर उसके आपत्तिजनक (न्यूड) वीडियो बना लिए।
जबरन गर्भपात और सुसाइड की कोशिश
शिकायत के मुताबिक, जनवरी 2024 में महिला गर्भवती हो गई थी। आरोप है कि जानकारी मिलने पर SI ने उसे धोखे से टैबलेट खिला दी, जिससे उसका गर्भपात हो गया। महिला को SI की असलियत तब पता चली जब उसकी पत्नी का फोन आया। इस धोखे से टूटकर महिला ने कीटनाशक पीकर जान देने की कोशिश भी की थी, जिसके बाद SI ने ही उसे अस्पताल में भर्ती कराया था।
अश्लील वीडियो के दम पर ब्लैकमेलिंग का आरोप
महिला का आरोप है कि जब उसने विरोध किया तो SI ने उसका नंबर ब्लॉक कर दिया। पीड़िता ने जब पुलिस में शिकायत की, तो आरोपी ने 28 मार्च 2026 को एसडीओपी कार्यालय के बाहर ही उसे अश्लील वीडियो दिखाकर धमकाया। आरोप है कि SI ने वीडियो वायरल करने और झूठे केस में फंसाने की धमकी देकर दबाव बनाया, जिसके चलते महिला ने एक बार अपनी शिकायत वापस ले ली थी।
पुलिस कार्रवाई पर उठे सवाल
पीड़िता का कहना है कि उसने एसपी और आईजी ऑफिस के कई चक्कर लगाए, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। दूसरी ओर, आरोपी SI कमल मैरिषा ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इन्हें झूठा बताया है। फिलहाल मामला वरिष्ठ अधिकारियों की जांच के अधीन है।





