मनेन्द्रगढ़: वन विभाग की लापरवाही ने फिर ली जान; गुरु घासीदास नेशनल पार्क में हाथी के हमले से ग्रामीण की मौत, लोगों में भारी आक्रोश
राज्य ब्यूरो मोहम्मद आसिफ खान संपादक वीरेंद्र कुमार
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मनेन्द्रगढ़: वन विभाग की लापरवाही ने फिर ली जान; गुरु घासीदास नेशनल पार्क में हाथी के हमले से ग्रामीण की मौत, लोगों में भारी आक्रोश
मनेन्द्रगढ़/जनकपुर:गुरु घासीदास राष्ट्रीय उद्यान के जनकपुर पार्क परिक्षेत्र से एक बार फिर मानव-वन्यजीव संघर्ष की हृदयविदारक घटना सामने आई है। यहाँ खोहरा बीट के जंगल में महुआ बिनने गए एक ग्रामीण को जंगली हाथी ने कुचलकर मार डाला। इस घटना के बाद से इलाके में वन विभाग के खिलाफ ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा है।
महुआ बिनने गए दंपति पर हमला
मिली जानकारी के अनुसार, मृतक की पहचान प्रेमलाल के रूप में हुई है। प्रेमलाल अपनी पत्नी के साथ सुबह खोहरा बीट के जंगल में महुआ एकत्र करने गया था। इसी दौरान उनका सामना एक विशालकाय जंगली हाथी से हो गया। हाथी को अपनी ओर आता देख पत्नी ने किसी तरह भागकर अपनी जान बचाई, लेकिन प्रेमलाल हाथी के हमले की चपेट में आ गया और उसकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।
देरी से पहुंची टीम, भड़के ग्रामीण
घटना की सूचना के बाद भी वन विभाग की टीम के काफी देर से पहुंचने पर ग्रामीणों ने कड़ी नाराजगी जाहिर की है। लोगों का आरोप है कि क्षेत्र में हाथियों की आवाजाही लगातार बनी हुई है, इसके बावजूद विभाग न तो समय पर मुनादी (चेतावनी) कराता है और न ही निगरानी की कोई ठोस व्यवस्था है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि उन्हें हाथी की मौजूदगी की जानकारी पहले दी जाती, तो प्रेमलाल की जान बच सकती थी।
6 महीने में दूसरी मौत
क्षेत्र में पिछले छह महीनों के भीतर हाथी के हमले से यह दूसरी मौत है। बार-बार हो रही इन घटनाओं से वन विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। फिलहाल, वन विभाग ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मृतक के परिजनों को तात्कालिक सहायता राशि सौंपी गई है।
ग्रामीणों की मांग
आक्रोशित ग्रामीणों ने मांग की है कि:
हाथियों की गतिविधियों पर 24 घंटे निगरानी रखी जाए।
संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम हों।
प्रभावित परिवार को पर्याप्त मुआवजा और सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
वन विभाग ने भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाने का आश्वासन दिया है, हालांकि स्थानीय लोग अब केवल वादों के बजाय जमीन पर काम देखना चाहते हैं।





