महासमुंद शहर में रसोई गैस की भारी किल्लत और सिलेंडर की ₹3000 तक कालाबाजारी के संबंध में।
राज्य ब्यूरो मोहम्मद आसिफ खान संपादक वीरेंद्र कुमार
******************************
महासमुंद शहर में रसोई गैस की भारी किल्लत और सिलेंडर की ₹3000 तक कालाबाजारी के संबंध में।
महासमुंद। शहर में पिछले कई दिनों से रसोई गैस (LPG) की भारी किल्लत बनी हुई है, जिससे आम जनता का जीना मुहाल हो गया है। इस गंभीर समस्या पर चिंता व्यक्त करते हुए पार्षद विजय साव ने प्रशासन और गैस एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर कड़े सवाल उठाए हैं।
प्रमुख बिंदु:
कालाबाजारी का बोलबाला: पार्षद विजय साव ने आरोप लगाया कि शहर में घरेलू गैस सिलेंडरों की खुलेआम ब्लैक मार्केटिंग हो रही है। गैस एजेंसियां “स्टॉक नहीं है” का बोर्ड लगाकर ताला लगा देती हैं, जबकि वही सिलेंडर अवैध रूप से ₹2500 से ₹3000 की मनमानी कीमत पर बेचे जा रहे हैं।
प्रशासनिक विफलता: शासन द्वारा गैस रिफिलिंग की समय सीमा (जो पहले 25-30 दिन थी) को बढ़ाकर अब 45 दिन कर दिया गया है, जिससे उपभोक्ताओं की मुश्किलें दोगुनी हो गई हैं। इसके बावजूद, शहर में गैस की उपलब्धता सुनिश्चित करने में प्रशासन पूरी तरह विफल रहा है।
जनता में आक्रोश: पार्षद साव ने कहा कि “एक तरफ महंगाई की मार है, तो दूसरी तरफ सिलेंडर के लिए लोगों को सुबह 8 बजे से लंबी कतारों में लगना पड़ रहा है और घंटों इंतजार के बाद भी उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ रहा है”।
कड़ी कार्रवाई की मांग: पार्षद विजय साव ने जिला प्रशासन और खाद्य विभाग से मांग की है कि गैस एजेंसियों के गोदामों की तत्काल जांच की जाए और कालाबाजारी में संलिप्त दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही गैस की आपूर्ति सुचारू नहीं हुई, तो वे जनता के साथ मिलकर उग्र आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।
विनीत,
विजय साव
पार्षद, महासमुंद





